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तस्वीरें: यहां तीन महीनों में आठ मासूमों की जिंदा जलकर मौत, हुए कई भयावह हादसे

Mon, 03 Jun 2019 02:27 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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विलाप करते परिजन और बच्ची की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर जनपद में महज तीन माह के भीतर हुए भयावह अग्निकांड में अब तक आठ मासूमों की जलकर मौत हो चुकी है। बुढ़ाना क्षेत्र के गांव उमरपुर और परासौली के साथ ही शुक्रताल खादर क्षेत्र में तीन दुर्भाग्यपूर्ण हादसे हो चुके हैं, जिनमें मासूम बच्चों की जान गई है।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव परसौली में विगत 20 मार्च को दु:खद हादसा हुआ था, जब इरफान के मकान की ऊपरी मंजिल पर स्थित कमरे में पड़े बेड में संदिग्ध हालात में आग लगने से उस पर सोईं दो मासूम बच्चियों दो साल की मायनूर और चार साल की सोफिया की जिंदा जलकर मौत हो गई थी।
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बुढ़ाना में आग से जलकर राख हुआ बेड़ - फोटो : अमर उजाला
अग्निकांड के समय कमरे में एक साल की बच्ची मायरा भी खेल रही थी, जिसे कमरे के बाहर मौजूद इरफान की पत्नी शबाना ने आग की लपटों में घुसकर बाहर खींच लिया था, जिसमें शबाना और मायरा भी झुलस गए थे। 

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आगे लगने से जला घर का सामान - फोटो : अमर उजाला
वहीं दूसरा हादसा 30 मार्च को शुक्रताल खादर क्षेत्र में हुआ, जहां शुक्रताल निवासी सुंदर कश्यप के परिवार की दो बच्चियां आठ साल की नेहा व चार साल की राधिका खेतों पर बनी झोंपड़ी में अचानक आग लगने से जिंदा ही जल गईं थीं। सुंदर कश्यप पूरे परिवार के साथ पास ही खेतों में काम कर रहा था, जबकि दोनों बच्चियां खेलते हुए झोंपड़ी में पहुंचकर वहीं सो गईं थीं। इसी दौरान अज्ञात कारणों से लगी आग में झोंपड़ी के साथ ही दोनों मासूम बच्चियां भी जिंदा ही जलकर मौत की नींद सो गईं थीं।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा तीसरा हादसा बुढ़ाना के गांव उमरपुर में 17 मई को हुआ, जब एक मां ने ही अपने तीन बच्चों को घर में अपने साथ बंद कर आत्मदाह कर लिया था। गांव निवासी जब्बार अहमदाबाद में रहकर काम करता था, जिससे अनबन होने पर उसकी पत्नी नसीमा ने गली में खेल रहे तीन बच्चों नौ साल के अनस, छह साल की आयशा और दो साल की इरा को घर में बुलाया और सभी के साथ खुद पर केरोसिन उडे़लकर आग लगा ली।
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घटना के बाद इकट्ठा हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
इस भयावह हादसे में तीनों बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि नसीमा अभी भी हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। इनके अलावा, रविवार दोपहर गांव जोगियाखेड़ा में हुए अग्निकांड में सात साल का मासूम फिहान पुत्र गुलफाम भी इसी तरह जान गंवा बैठा है।

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