इस शहर का कबाब कभी भूलकर भी मत खा लेना, क्योंकि यहां के कबाब की सच्चाई जानकर आप चौंक जाएंगे। आप तस्वीरों में साफ देख सकते हैं कि क्या हाल है इस शहर का। कमेला रोड के पास बृहस्पतिवार दोपहर झुग्गी झोपड़ियों में मृत पशुओं का कटान पकड़े जाने के बाद बखेड़ा हो गया। दूसरे समुदाय के लोगों ने दो आरोपियों को जमकर पीटा। झोपड़ियों में तोड़फोड़ कर आगजनी की कोशिश की। पुलिस के देरी से पहुंचने पर भीड़ ने घेराव कर नारेबाजी की।
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पुलिस पहुंची और जमकर हुआ हंगामा
लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में कमेला रोड से सटे नाले पर कंजर वाले पुल के पास पिछले कुछ दिनों से दूसरे समुदाय के लोग लगातार पुलिस से शिकायत कर रहे थे। इनका कहना था कि झुग्गी झोपड़ियों में कुछ लोग अवैध तरीके से पशुओं का कटान कर रहे हैं। बृहस्पतिवार दोपहर काले दादा की झोपड़ी में दूसरे समुदाय के लोग पहुंचे तो वहां भारी संख्या में पशुओं के अवशेष थे। मौके से दो महिला समेत दस लोग फरार हो गए।
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हंगामा करते लाेग
जबकि हंगामा होने के बावजूद लिसाड़ी गेट पुलिस एक घंटे तक नहीं पहुंची। बाद में पहुंचे एएसपी कोतवाली रणविजय सिंह ने भीड़ को शांत कराया। एएसपी के अनुसार झोपड़ी से करीब 150-200 पशुओं के अवशेष मिले है। जिनके पशु चिकित्सक बुलाकर सैंपल भरवाने के बाद जमीन में दबवा दिया गया।
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हंगामा करते लाेग
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि कई माह से दिल्ली रोड और शहर के बड़े होटलों में मृत पशुओं का कबाब के लिए मीट सप्लाई कर रहे थे। इसमें वह गोवंश का भी कटान करते थे। सीओ कोतवाली के सामने भड़की भीड़ ने लिसाड़ी गेट पुलिस की मिलीभगत से अवैध कटान का आरोप लगाकर एसओ के खिलाफ नारेबाजी कर दी।
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मौके से कई किलो मीट बरामद
इसके बाद भीड़ एसओ लिसाड़ी गेट को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गई। समझाने की कोशिश पर भीड़ ने सीओ से कहा कि एक माह से लगातार पुलिस से शिकायत करने के बावजूद लोगों को टरका दिया जाता था।
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पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा
आरोप लगाया कि एसओ लिसाड़ी गेट की मिलीभगत से यहां के लोगों का जीना दुश्वार हो रहा है। सीओ ने कहा मामले में जांच करा रहे हैं। इससे दूसरे लोगों को भी सबक मिलेगा। वे भी इस तरह का काम करने से बचेंगे। पड़ोस में रहने वाले सलीम, जावेद, चांद मोहम्मद, मोहम्मद इरफान आदि ने सीओ को बताया कि रात को आसपास के लोगों के सो जाने पर आरोपी छोटे पशुओं के अलावा भैंस, भैंसा लाते थे। इनमें एक आरोपी पर मृत पशुओं का ठेका भी बताया गया।
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मीट को दिखाते आसपास के लोग
पुलिस का मानना है कि जिंदा पशुओं की आड़ में मृत पशुओं को रात में लाकर झुग्गी झोपड़ियों में काटा जा रहा था। इसके बाद ये लोग यही से सप्लाई कर देते थे। ये लोग चंद रुपयों के लालच में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।
सीओ कोतवाली रणविजय सिंह का कहना है कि जांच में सामने आया कि यह गिरोह जिंदा कटरा, भैंस की आड़ में मृत पशुओं को काटकर कबाब के लिए सप्लाई कर रहा था। पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ चल रही है। ये लोग बड़े-बड़े होटलों में मांस की सप्लाई करते हैं।
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