Meerut News: दिल्ली में लालकिले के पास हुए धमाके में मारे गए लोगों में मेरठ का निवासी मोहसिन भी शामिल रहा, जो दो साल से दिल्ली में रह रहा था। उसका शव मेरठ लाया गया, तो पीछे-पीछे पत्नी सुल्ताना भी आ गई और शव को वापिस दिल्ली ले गई।
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दिल्ली ब्लास्ट में मोहसिन की मौत। बिलखती मां।
- फोटो : अमर उजाला
एक मां ने अपने लाल को दिल्ली ब्लास्ट में खो दिया। ऊपर वाले का करम तो देखिए, मां की आखिरी इच्छा भी पूरी ना हो सकी। आंसुओं से आंखें सूख गईं, लेकिन बहू की ज़िद के आगे मां की ममता हार गई।
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रोती बिलखती मां और बहन।
- फोटो : अमर उजाला
मोहसिन की पत्नी सुल्ताना अपने पति का दफीना दिल्ली में ही कराना चाहती थी, चूंकि मोहसिन पिछले ढाई साल से सुल्ताना और दो बच्चों के साथ दिल्ली में ही रह रहा था, लेकिन मोहसिन की मां संजीदा अपने बेटे का दफीना उसी मिट्टी में कराना चाहती थी, जहां वो पैदा हुआ और पला बढ़ा हुआ।
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दिल्ली धमाके में मारा गया मोहसिन।
- फोटो : अमर उजाला
दोनों पक्षों के बीच घंटों इसी बात को लेकर विवाद चलता रहा। मोहसिन की मां और परिजन उसकी पत्नी सुल्ताना का मान-मनुव्वल करते रहे, लेकिन आखिर में सुल्ताना की ही बात मानी गई। पुलिस ने मोहसिन के शव को उसकी पत्नी के सुपुर्द किया, जिसको लेकर सुल्ताना दिल्ली लौट गई। पीछे रह गई, तो सिर्फ रोती बिलखती मोहसिन की मां और बहनें।
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शव को ले जाती पत्नी।
- फोटो : अमर उजाला
ये है मामला
दिल्ली के लालकिले के पास सोमवार को हुए ब्लास्ट ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। इन्हीं में से एक मेरठ का मोहसिन भी था, जो ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पेट पालता था। मोहसिन (35) दो साल पहले मेरठ से दिल्ली गया था। वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ दिल्ली के डिलाइट क्षेत्र में रह रहा था।
शव को दिल्ली ले जाने का विरोध करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
मोहसिन रोज 500 से 600 रुपये कमाकर अपने परिवार का खर्च पूरा कर रहा था। सोमवार को भी वह सवारियों को लेकर जा रहा था, तभी ई-रिक्शा में हुए ब्लास्ट में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।