महीने के उन पांच दिनों की मुश्किल पर व्हिस्पर च्वाइस और अमर उजाला सपनों की उड़ान कार्यक्रम में खुलकर बात की गई। शनिवार को चौधरी चरण सिंह विवि के नेताजी सुभाषचंद्र बोस प्रेक्षागृह में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। टीवी अभिनेत्री माही विज ने छात्राओं को स्वास्थ्य व सफाई की जानकारी दी। आरएएफ की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया ने अनुभव साझा किए। महिला एवंस्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रचना टंडन ने सवालों के जवाब दिए। मम्मी-बेटियों के बीच रस्सी कूद और रस्साकसी का खेल हुआ। अधिकांश खेलों में बेटियां विजेता बनीं। छात्राओं ने नुक्कड़ नाटिका के माध्यम से पीरियड के प्रति जागरूक किया। डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। लकी ड्रॉ निकालकर विजेताओं को सम्मानित किया गया। सभी को प्रमाणपत्र भी बांटे गए।
विज्ञापन
सुलझाई हर उलझन
2 of 8
अमर उजाला के कार्यक्रम में शामिल हुईं मां और बेटियां
- फोटो : अमर उजाला
महिला एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रचना टंडन ने छात्राओं को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलाव। पीरियड्स के कारण, परेशानी व निदान बताए। छात्राओं और मम्मियों से सवाल-जवाब करते हुए माहवारी में होने वाली दिक्कतों व सवालों के जवाब भी दिए।
विज्ञापन
बहुत जानकारी मिली
3 of 8
कार्यक्रम में बेटियों को मिला हर सवाल का जवाब
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम में शामिल हुई छात्रा जैनब ने कहा, पीरियड्स के बारे में इतनी जानकारी आज तक नहीं थी, जो आज इस आयोजन में मिली। कोई भी इस टॉपिक पर बात ही नहीं करता।वहीं इकरा के अनुसार हर सवाल का जवाब मिला स्कूल में एक बार पीरियड्स के बारे में बताया गया था, लेकिन बहुत सारे ऐसे सवाल थे जिनके जवाब कोई नहीं देता। वो आज पता चले।
हर बिंदू पर मिली जानकारी
4 of 8
कार्यक्रम में शामिल छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
शिवानी ने कहा मैं अपनी सहेली के साथ आई हूं। महिला स्वास्थ्य के सबसे प्रमुख बिंदु पीरियड्स की जानकारी बहुत जरूरी है। यहां हमें हर बिंदू पर जानकारी मिली। ऐसे कार्यक्रम बहुत ही महत्वपूर्ण हैं।
विज्ञापन
परेशानी का कारण पता चला
5 of 8
बेटियों के साथ माताआें ने भी लिया कार्यक्रम में हिस्सा
- फोटो : अमर उजाला
सना के अनुसार मुझे पीरियड्स से बहुत डर लगता था। पता नहीं क्या होता है, इसमें पेट दर्द क्यों होता है, लेकिन आज पता चला कि पीरियड्स में दर्द क्यों होता है। इसी तरह अपनी बेटी गुनगुन के साथ कार्यक्रम में पहुंची गायत्री ने कहा कि अपनी बेटी से कभी खुलकर मैंने पीरियड्स पर बात नहीं की, शर्म आती थी। लेकिन आज इस आयोजन में खुद बेटी को लेकर आई हूं,ताकि वह जागरूक हो।
विज्ञापन
फौलादी होती हैं लड़कियां
6 of 8
आरएएफ की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया बाएं व रचना टंडन
- फोटो : अमर उजाला
आरएएफ की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया ने छात्राओं से कहा कि डरो मत। समाज का डर हो या पीरियड का डर, हर डर मन से निकालो। लड़कियां फौलादी होती हैं। मां की पहली जिम्मेदारी होती है कि वो बेटी को पीरियड के लिए जागरूक करे। उन्होंने छात्राओं से सवाल-जवाब भी किए।
विज्ञापन
जागरूकता के अभाव में छूट जाती है पढ़ाई
7 of 8
मेरठ न्यूज
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. रचना टंडन ने छात्राओं को बताया कि आज भी देश में 35 प्रतिशत लड़कियों की पढ़ाई पीरियड्स के कारण छूट जाती है। क्योंकि उन बच्चियों को पीरियड्स के बारे में जागरूक नहीं किया जाता। जागरूकता का अभाव कई बच्चियों का जीवन तबाह कर देता है। उनका कॅरियर खत्म कर देता है। बच्चियां स्कूल नहीं जाकर घर बैठ जाती हैं।
कार्यक्रम में बोलती अभिनेत्री माही विज
- फोटो : अमर उजाला
अभिनेत्री माही विज ने छात्राओं से पीरियड जैसे विषय पर संवाद किया तो अपने पहले पीरियड का अनुभव बांटा। माही ने कहा कुछ पता नहीं था कि महीने के वो मुश्किल दिन क्या होते हैं। जब पहली बार पीरियड हुआ काफी नर्वस थी। हमेशा सेनेटरी पैड प्रयोग किया कपड़े का प्रयोग कभी नहीं किया।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें