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म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के., इन 17 कहानियों को पढ़कर आप भी अपनी बेटियों पर करेंगे नाज

Sun, 23 Sep 2018 05:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
घर आंगन को रोशन करती हैं बेटियां। पिता का प्यार, मम्मी के चेहरे पर खुशी की फुहार हैं बेटियां। आरती का उजियारा भी इन्हीं से है, इन पर परिवार को नाज है। अब बेटियां अभिशाप नहीं, बल्कि परिवार के लिए वरदान बन रही हैं। लोग बेटों से भी बढ़कर पालते हैं। बेहतरीन परवरिश देकर उनका जीवन संवारते हैं। यही बेटियां बड़ी होकर केवल दो परिवारों की जिम्मेदारी नहीं संभालतीं बल्कि विकास, राजनीति, खेल के हर मैदान पर देश, कुुटुंब का नाम रोशन करती हैं। डॉटर्स डे के अवसर पर बेटियों पर माता-पिता क्यों नाज़ करते हैं, कुछ कहानियां हम आपके लिए लाए हैं।

 
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खुशनसीब हैं, मिली जुड़वा बेटियां

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
सी ब्लॉक शास्त्रीनगर निवासी राजेश और श्वेता शारदा के जुड़वा बेटियां रिया और श्रेया हैं। दोनों केएल इंटरनेशनल  स्कूल में 11वीं साइंस स्ट्रीम की छात्रा हैं। साथ ही मेडिकल की तैयारी कर रही हैं। श्वेता बताती हैं दोनों बेटियों में महज 5 मिनट का अंतर है। रिया बड़ी है। बचपन में दोनों को पहचानना मुश्किल था। अब श्रेया लंबी है और रिया थोड़ी छोटी तो पहचान हो जाती है। श्रेया कहती हैं हम दोनों की पसंद, करियर ऐम समान है। दोनों एक क्लास, एक सेक्शन में है। 4 अगस्त को हम बर्थडे मनाते हैं।
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जुड़वा बहनें संगीत इनकी पसंद

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
गीता गर्ल आलिया खान श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक पढ़कर दुनियाभर में मशहूर हो गई, लेकिन कम लोग ही जानते हैं कि आलिया से 5 मिनट बड़ी उसकी जुड़वा बहन आलिमा है। घंटाघर निवासी अफरोज खान और शाहिद अनवर खान की जुड़वा बेटियां आलिया, आलिमा दोनों ही संगीत की शौकीन है। फिलहाल दोनों मुंबई में संगीत की शिक्षा ले रही हैं। सेठ बीके माहेश्वरी इंटर कॉलेज से 11वीं कला से पढ़ाई भी कर रही हैं। मम्मी अफरोज खान ने बताया बचपन से दोनों संगीत के  पीछे पागल हैं। जब भगवत गीता श्लोक प्रतियोगिता हुई तो दोनों ने ही प्रतियोगिता में भाग लेकर श्लोक गाए। मैडम ने दोनों को साथ में तैयारी कराई। लेकिन आलिया विजेता बन गई और आलिमा पहला पुरस्कार नहीं जीत पाई।

बेटे से बढ़कर हमारी बेटियां

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
पार्षद विजय आनंद की दो बेटियां प्रियांशी और दिव्यांशी हैं। दोनों जुड़वा हैं। विजय आनंद कहते हैं कि बेटियां ही हमारे घर की रौनक हैं। दोनों सोफि या की टॉपर रही हैं, इस समय थापर विवि पटियाला से कंप्यूटर इंजीनियरिंग थर्ड सेमेस्टर में हैं। उन्हें तीन-तीन लाख रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति भी मिल रही है। मम्मी पारुल अग्रवाल कहती हैं कि जब से बेटियां बाहर पढ़ने गई हैं घर सूना हो गया है, हम लोगाें का तो मन भी नहीं लगता।
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मम्मी-पापा की जान तरुशी, तविषी

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
फूलबाग कॉलोनी निवासी शिखा बंसल और विवेक बंसल की दो जुड़वा बेटियां तरुशी और तविशी हैं। दोनों बेटियां 12वीं की पढ़ाई पीसीएम विषय से कर रही हैं। प्रमुख बात यह कि दोनों ही बेटियों को टेबिल टेनिस खेलना पसंद है और स्टेट लेवल की खिलाड़ी रही हैं। मम्मी शिखा ने बताया कि तरुशी, तविषी से 2 मिनट बड़ी है लेकिन दोनों एक दूसरे को बेहद प्यार करती हैं।
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खुशनसीब हैं कि भगवान ने बेटियां दीं

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
साकेत निवासी शालू व राजीव जैन खुद को बहुत खुशनसीब मानते हैं कि भगवान ने उन्हें संतान के रूप में अकेली बेटी के साथ दो जुड़वा बेटियों का माता-पिता बनाया। शालू व राजीव जैन के एक बेटी रीवा जैन पहले से ही है। रीवा स्कूल में पढ़ती है। दूसरी संतान के रूप में भी ईश्वर ने उन्हें जुड़वा बेटियों का उपहार दिया। डेढ़ साल पहले कीशू और मिशू दो जुड़वा बेटियां हुईं। राजीव कहते हैं हमारे लिए बेटियां ही बेटों से बढ़कर हैं।
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ये हमारे बेटे हैं जनाब 

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
फूलबाग कालोनी निवासी ममता अग्रवाल और नवनीत अग्रवाल के तीन बेटियां हैं। ममता परिषद्ीय विद्यालय में शिक्षिका हैं। ममता कहती हैं मेरी तीन बेटियां बेटों से भी बढ़कर हैं। लोग बेटों के होने पर उनकी सफलता पर नाज करते हैं लेकिन मैंने मुझे अपनी बेटियों पर नाज है। सबसे बड़ी बेटी सलोनी 12वीं कॉमर्स की छात्रा हैं। दूसरी बेटी विदुषी 9वीं में और तीसरी छोटी बेटी ख्याति 7वीं में पढ़ती हैं। तीनों बेटियां केएल इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ती है।

बेटी कर रही नाम रोशन 

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
शांतिनगर निवासी नूतन रस्तोगी और संजीव रस्तोगी गर्व करते हैं कि भगवान ने उन्हें कशिश जैसी प्यारी सी बेटी का माता-पिता बनाया। नूतन और संजीव सिंगल गर्ल चाइल्ड के माता-पिता हैं। कशिश इन दिनों बीबीए मार्केटिंग की पढ़ाई कर रही है। नूतन कहती हैं लोग कहते होंगे कि बेटे बड़े होकर माता-पिता का नाम करते हैं लेकिन हमारा नाम तो हमारी बेटी रोशन कर रही है। 

पढ़ाई में आगे हैं बेटियां 

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
राजलोक सिविल लाइंस निवासी शालिनी प्रताप और संजीव प्रताप गुरुर से कहते हैं कि भगवान ने हमें इतनी बड़ी नेमत बख्शी कि हमें दो बेटियाें के मम्मी-पापा बनने का अवसर मिला। शालिनी और संजीव के शिविका और शालिनी दो बेटियां हैं। संजीव कहते हैं हम तो एक बेटी चाहते थे, जब बड़ी बेटी शिविका हुई तो मुराद पूरी हो गई। सेकेंड बेबी का ख्याल आया तो 10 साल बाद दूसरी संतान के रूप में जब बेटी शान्या मिली तो भगवान को धन्यवाद दिया। शिविका सोफिया से पढ़ने के बाद लंदन स्कूल ऑफ इकनोमिक्स से पीजी किया, इन दिनों मुंबई एमएनसी में जॉब कर रही हैं। छोटी बेटी शान्या ने इसी साल बारहवीं किया। लंदन विवि से ग्रेजुएशन कर रही हैं। 

इनका चेहरा देखकर थकान मिट जाती है 

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
बच्चा पार्क निवासी सनी और पारुल के तीन बेटियां मान्या, गौरी और नंदिनी हैं। तीन बेटियों को समाज एक बोझ और जिम्मेदारी मानता है, उस सोच से कहीं आगे सनी और पारुल का अपनी बेटियों के लिए प्यार है। सनी कहते हैं मैं अपनी तीनों बेटियों से बहुत खुश हूं। जब इनका चेहरा देखता हूं तो सारी थकन भूल जाता हूं। औरों के बेटों से कहीं अच्छी मेरी बेटियां हैं जो हमारे जिगर का टुकड़ा, हमारे घर की रौनक हैं। इनको सफल बनाना ही मेरा सपना है। 

बेटी हमारा मान-अभिमान

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
प्रेमपुरी रेलवे रोड निवासी शिप्रा जैन और निवी जैन की इकलौती संतान बेटी दिव्यांगना जैन है। बेटी सोफिया गर्ल्स में पढ़ती है। शिप्रा कहती हैं लोग पहली संतान के रूप में बेटा चाहते हैं लेकिन हमने तो पहली संतान ही बेटी चाहे। खुशकिस्मत हैं कि भगवान ने हमारी सुन ली और हमें दिव्यांगना जैसी प्यारी बेटी का उपहार दिया।
 

बेटी मिली तो किस्मत खुली

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
थापरनगर निवासी रिया और अखिल कहते हैं बड़े किस्मत वाले हैं वो लोग जिन्हें बेटियों के मम्मी-पापा बनने का मौका मिलता है। रिया अखिल के सिंगल गर्ल चाइल्ड अर्शीया है। रिया कहती है बेटी होने के बाद हमें कभी ये कमी नहीं हुई कि हमारा बेटा नहीं हैं। बेटी को पाकर हमारी किस्मत खुल गई। 
 

ख्वाहिश थी जो हुई पूरी

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
शास्त्रीनगर निवासी शुचिता और अनुज गौर के दो प्यारी बेटियां अदिवका और कोयल गौर हैं। दोनों बेटियां मम्मी-पापा की जान हैं। शुचिता कहती हैं लोग बेटियों को पढ़ाना, लिखाना बड़ा करना मजबूरी मानते हैं लेकिन अब सोच बदल रही है। हमारे लिए हमारी बेटियां मजबूरी नहीं बल्कि हमारी वो ख्वाहिश हैं जो पूरी हुई है।
 

जीवन में लाईं खुशहाली

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
शास्त्रीनगर निवासी मनोज सक्सेना और रेनू सक्सेना के दो बेटियां कशिश और खुशाली हैं। बड़ी बेटी कशिश सक्सेना 12वीं पास कर चुकी हैं, छोटी बेटी खुशाली अभी बारहवीं में पढ़ रही है। रेनू कहती हैं हमारे तो जीवन में खुशहाली उसी दिन से आई है जब से दोनों बेटियंा कशिश और खुशाली आई है। 

बाजार में हुई तोहफों की खरीदारी  

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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
डॉटर्स डे के एक दिन पहले मम्मी, पापा ने लाड़ली बेटी के लिए तोहफा खरीदा। गिफ्ट गैलरीज़ पर बेटियों के लिए तोहफा खरीदने के लिए लोग पहुंचे। आर्चीज़, हॉलमार्क गिफ्ट गैलरीज भीड़ रही। उपहारों की अन्य दुकानों पर भी लोगों ने बेटियों के लिए मनपसंद तोहफा लिया। परफ्यूम, डियो, कॉफी मग, फोटो फ्रेम, ज्वैलरी, मोबाइल कवर, मोबाइल, पेनड्राइव, नोटबुक, बैग्स, पर्स, क्राकरी, खिलौने, सॉफ्ट टॉय, चॉकलेट, डायरी, पेन, सेशे, क्राउन, ड्रेस, जींस और कलर व कॉस्मेटिक्स खरीदे। 

बेटी नहीं बेटे से कम

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
डीएफओ अदिति शर्मा की एक बेटी कायना शर्मा हैं। कायना थर्ड क्लास में पढ़ती हैं। अदिति शर्मा ने कहा कि बेटियां किसी भी तरह से बेटों से कम नहीं हैं। मैं तो खुशनसीब मानती हूं खुद को कि भगवान ने मुझे इतनी प्यारी बेटी दी। हम खुद भी तीन बहनें हैं इसलिए बेटियों का महत्व जानती हूं। 
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बेटी है हमारा गर्व

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बेटी दिवस 2018 - फोटो : अमर उजाला
एसपी देहात राजेश कुमार सिंगल गर्ल चाइल्ड के पिता हैं। राजेश कुमार उनकी पत्नी नम्रता को बेटी अदविता से बेहद लगाव है। चार साल की अदविता ब्रेंज रेनबो स्कूल में नर्सरी में पढ़ती है। राजेश कुमार कहते हैं लोग बेटियों को खूब पढ़ाएं उन्हें मजबूत बनाएं। सेल्फ डिफेंस भी सिखाएं ताकि बेटियां दूसरों का सहारा बनें। 

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