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दलित महिला की हत्या: कपसाड़ की बेटी का अपहरण, जिस घर में बजनी थी शहनाई, वहां पसरा मातम

Sat, 10 Jan 2026 10:47 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

सरधना के कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की निर्मम हत्या और उसकी इकलौती बेटी रूबी के अपहरण से क्षेत्र में मातम है। जिस घर में अप्रैल में शादी होनी थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है।

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युवती का फाइल फोटो व विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की निर्मम हत्या और उसकी इकलौती बेटी रूबी के अपहरण की जघन्य घटना ने पूरे इलाके को भय और मातम में डुबो दिया है। जिस आंगन में कुछ ही महीनों में कन्यादान की शहनाइयां बजनी थीं, वहां अब सन्नाटा और चीख-पुकार गूंज रही है।
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महिला पर हमला - फोटो : अमर उजाला
खुशहाल परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सुनीता अपने पति सतेंद्र और तीन बेटों-नरसी, मनदीप और शिवम के साथ एक साधारण लेकिन खुशहाल जीवन जी रही थी। तीन बेटों के बाद जन्मी इकलौती बेटी रूबी पूरे परिवार की लाड़ली थी। मां सुनीता ने उसी दिन से बेटी के उज्ज्वल भविष्य और कन्यादान के सपने देखे थे।
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धरने पर बैठे अतुल प्रधान - फोटो : अमर उजाला
अप्रैल में होनी थी शादी, चल रही थीं तैयारियां
परिवार में रूबी की शादी अप्रैल माह में तय हो चुकी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं और सुनीता पूरे मन से बेटी की विदाई की तैयारी में जुटी थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि खुशियों के बीच मौत का ऐसा साया मंडरा रहा है।

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महिला पर हमला - फोटो : अमर उजाला
बेटी को बचाने में मां ने गंवाई जान
बृहस्पतिवार का दिन परिवार के लिए कभी न भूलने वाला काला दिन बन गया। जब हमलावरों ने रूबी पर हमला किया, तो मां सुनीता बिना डरे ढाल बनकर सामने खड़ी हो गई। उसने आखिरी सांस तक बेटी को बचाने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल सुनीता को अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया।
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मेरठ के सरधना में मां की हत्या व बेटी का अपहरण - फोटो : अमर उजाला
मां के साथ दफन हो गए शादी के सपने
सुनीता की मौत के साथ ही बेटी की शादी के सारे सपने, तैयारियां और खुशियां हमेशा के लिए दफन हो गईं। जिस आंगन में कन्यादान होना था, वहां अब मातम पसरा है।
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गांव में तैनात फोर्स - फोटो : अमर उजाला
भाई बोले-मां के अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाएगी बहन
शुक्रवार को जब सुनीता का शव घर के आंगन में रखा गया, तो तीनों बेटे-नरसी, मनदीप और शिवम फफक-फफक कर रो पड़े। भाइयों का कहना था कि मां रूबी को सबसे ज्यादा प्यार करती थी और उसकी पसंद का हर सामान खुद लाती थी। आज उनकी बहन अपनी मां के अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाई।
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कपसाड़ पहुंचे संगीत सोम - फोटो : अमर उजाला
बेटियों की सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल
इस जघन्य वारदात ने समाज में बेटियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मां की जान लेकर बेटी का अपहरण कर लेना पूरे सिस्टम पर प्रश्नचिह्न है।
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महिला पर हमला - फोटो : अमर उजाला
पुलिस कार्रवाई और ग्रामीणों का आक्रोश
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। गांव में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों और परिजनों की मांग है कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। लोगों का कहना है कि सुनीता की शहादत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए और दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना ही सच्चा न्याय होगा। 
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