बिजनौर में सॉल्वर गैंग कई सालों से सक्रिय है। बैंक में नौकरी लगवाने से लेकर एमबीबीएस की परीक्षा पास कराने के लिए गैंग मोटी रकम लेता है। गैंग के सदस्यों के तमाम बड़े लोगों से ताल्लुक हैं। गैंग चोरी छिपे अपने काम को अंजाम देता रहता है। हर विभाग में पद के हिसाब से भर्ती की रकम तय की जाती थी।
मुजफ्फरनगर में लोअर पीसीएस परीक्षा पास कराने में पकड़े गए गैंग में बिजनौर के भी युवक शामिल हैं। बिजनौर की कुटिया कॉलोनी निवासी अमित कुमार, विशेषांक, हरेंद्र सिंह को पुलिस ने दबोचा है, जबकि विवेक फरार हो गया। बिहार के रोहताश जिले का मुकेश बिजनौर के हीमपुरदीपा थाने के गांव टुंगरी के ऋषभ कुमार की जगह परीक्षा दे रहा था। मुकेश को पकड़ने पर ही गैंग का खुलासा हुआ। पुलिस ने ऋषभ को भी दबोच लिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गैंग का पूरे देश में जाल फैला हुआ है। किसी भी परीक्षा को पास कराने का गैंग ठेका ले लेता है। कई सालों से बिजनौर में गैंग सक्रिय है। गैंग के सदस्य मेरठ में भी दबोचे जा चुके हैं। शेरकोट में हरेवली मार्ग पर राकेश कुमार का दुर्गा महाविद्यालय है। महाविद्यालय का वह खुद प्रधानाचार्य है। 19 नवंबर 2018 को एसटीएफ मेरठ ने राकेश को यूपी टीईटी का फर्जी पेपर बनाते हुए दबोचा था। उसके कई साथी भी बाद में पकड़े गए थे।