विलाप करते परिजन
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परिजनों ने बताया कि अंकुर की 21 जनवरी को शादी होनी थी। उनकी हसनपुर बारात जानी थी। तीन दिन बाद 14 जनवरी से एक माह के लिए उन्हें छुट्टी आना था। घर में शादी की तैयारियां जोरशोर से चल रही थी। घर और घेर में रंगाई-पुताई का कार्य चल रहा था। शादी की खुशियां एक झटके में ही मातम में बदल गई। शादी के कार्ड छप चुके थे और रिश्तेदारी, परिचितों व मित्रों को बांटने भी शुरू हो गए थे। अंकुर की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक छा गया। ग्रामीणों, परिजनों, रिश्तेदारों का उनके आवास पर पहुंचना शुरू हो गया। ग्रामीण पीड़ित परिजनों को सांत्वना देकर ढांढस बंधाने में लगे हुए हैं।