भक्ति भूषण गोविंद महाराज।
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बच्चों से पैर दबवाता था, जिस बच्चे को पैर दबवाने के लिए बुलाता था उसी के साथ गलत काम करता था। जो बच्चा बात नहीं मानता था उसे रोटी नहीं देता था और भूखा रखता था। उसकी बेरहमी से पिटाई भी करता था। गायों का गोबर उठाने, बर्तन साफ करने, भोजन बनाने से लेकर सभी काम उन्हीं से कराए जाते थे।