खादर क्षेत्र से बरामद साध्वी का शव लेकर जाते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
साध्वी की हत्या के लिए महंत शंकरदास ने बड़ौत के गांव गुराना निवासी मनोज शर्मा को चुना, क्योंकि वह साध्वी से भी भली-भांति परिचित था। मनोज ने साजिश को अमलीजामा पहनाने के लिए बाबा बक्सरनाथ, शुक्रताल स्थित सतगृहस्थ आश्रम के उमेश मदन शास्त्री और बिहारगढ़ निवासी मंजीत से बात की। पूरी साजिश तैयार होने के बाद मनोज शर्मा 20 नवंबर की रात साध्वी सुनीता नाथ को बहाने से शुक्रताल स्थित सतगृहस्थ आश्रम लेकर पहुंचा। वहां रात में चारों आरोपियों ने साध्वी के सिर पर बंधे कपड़े से ही उसका गला घोंट दिया। जब साध्वी इन चारों से भिड़ गई, तो आरोपियों ने डंडे से प्रहार किए थे।