पथराव करते उपद्रवी
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तारीख 20 दिसंबर थी और दिन शुक्रवार। पीएफआई के प्लान के अनुसार मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में बाजार बंद थे। इंतजार था दोपहर 2:30 बजे जुमे की नमाज का। जिम्मेदार लोग भी मोबाइल स्विच ऑफ करके शहर से दूर चले गए, ताकि कोई आरोप न लगे। नमाज होते ही पीएफआई के सदस्य लोगों की भीड़ के साथ सड़कों पर आने शुरू हो गए। मेरठ में लिसाड़ी गेट चौराहे से हिंसा की शुरुआत हुई। सीएए के विरोध में नारेबाजी शुरू हुई व फिर पुलिस पर पथराव हुआ। मामला बढ़ते ही गोलियां चलानी शुरू कर दी। यह जानकारी पीएफआई से जुडे़ मुईद, नूरहसन, जावेद और अमजद ने पुलिस को पूछताछ में दी थी।