नकली किताबों का गोदाम
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नकली पुस्तकों के खेल में पुलिस, एलआईयू, शिक्षा विभाग, प्रशासन और उद्योग विभाग की भूमिका संदिग्ध है। इन सरकारी विभागों द्वारा कभी भी प्रकाशकों और विक्रेताओं के लाइसेंस की जांच नहीं की जाती है। प्रकाशकों को एनसीईआरटी की किताबें प्रकाशित करने की अनुमति मिली है या नहीं यह भी जांचा नहीं जाता। न ही उन पर एक्शन लिया जाता है। मेरठ प्रकाशन का हब है इसलिए यहां धड़ल्ले से नकली किताबों का धंधा हो रहा है। जानकारों के अनुसार पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नकली किताबों का कारोबार हो रहा है और पुलिस, शिक्षा विभाग खामोश है।