फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कौन हैं कवाल कांड के 7 आरोपी, अदालत कल सुनाएगी सजा...! ऐसे भड़का था दंगा

Thu, 07 Feb 2019 07:29 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
1 of 8
आरोपियों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर कवाल कांड में मलिकपुरा के गौरव और उसके ममेरे भाई सचिन की हत्या के केस में एडीजे कोर्ट संख्या-7 ने बुधवार को सभी सात आरोपियों को दोषी करार दिया। अब आठ फरवरी यानी शुक्रवार को अदालत इन सभी आरोपियों को सजा सुनाएगी। आइए जानते हैं, आखिर कौन हैं ये सातों आरोपी:-
विज्ञापन

2 of 8
आरोपियों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
कवाल कांड के आरोपी मुजस्सिम व मुजम्मिल पुत्र नसीम, फुरकान पुत्र फजला, जहांगीर, नदीम, शाहनवाज (मृतक) पुत्र सलीम, अफजाल व इकबाल पुत्र बुंदू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से ही मुजस्सिम, मुजम्मिल, फुरकान, नदीम, जहांगीर जेल में बंद हैं, जबकि दो आरोपियों अफजाल और इकबाल को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी। मुजम्मिल इन दिनों बुलंदशहर जेल में बंद है।
विज्ञापन

3 of 8
kawal case
कवाल कांड के आरोपी मुजस्सिम व उसके भाई मुजम्मिल, फुरकान, जहांगीर, नदीम, अफजाल, उसके भाई इकबाल को कोर्ट ने बलवे की धारा 147,148,149, हत्या (302) और धमकी देने की धारा (506) में दोषी करार दिया है। बताया गया कि ये सातों आरोपी एक ही कुटुम्ब के हैं। इन सभी को कोर्ट शुक्रवार को सजा सुनाएगी।

4 of 8
kawal case
बता दें कि 27 अगस्त 2013 को हुई इस घटना के बाद ही मुजफ्फरनगर और शामली में दंगा भड़क गया था।
विज्ञापन

5 of 8
kawal case
ये था पूरा मामला-
गांव कवाल में 26 अगस्त 2013 को मलिकपुरा निवासी गौरव और कवाल निवासी मुजस्सिम के बीच बाइक साइकिल से टकराने पर कहासुनी हो गई थी। इसी विवाद में अगले दिन मुजस्सिम, उसके साथी शाहनवाज और गौरव, उसके ममेरे भाई सचिन के बीच मारपीट हो गई, जिसमें गौरव व सचिन की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन

6 of 8
कवाल कांड
इसके बाद घायल शाहनवाज ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया था। 28 अगस्त को सचिन और गौरव के अंतिम संस्कार से लौट रही भीड़ ने कवाल में पथराव और आगजनी कर दी थी। इस मामले में 30 अगस्त को शहर के खालापार में जुम्मे की नमाज के बाद दूसरे समुदाय की भीड़ ने डीएम और एसएसपी को ज्ञापन दिया था तो दूसरे पक्ष ने सचिन और गौरव की हत्या के मामले में कार्रवाई के लिए 31 अगस्त को नगला मंदौड़ में पंचायत बुला ली थी। सात सितंबर को फिर से इस मामले में नगला मंदौड़ में पंचायत हुई। पंचायत से लौट रहे लोगों पर हमले के बाद जिले में दंगा भड़क गया था।
विज्ञापन

7 of 8
kawal case
एसआईसी ने दी थी क्लीनचिट, कोर्ट ने ठहराया दोषी 
कवाल केस में हाईकोर्ट से जमानत पाए अफजाल और इकबाल पुत्र बुंदू भी कातिल ठहराए गए। वादी रविंद्र ने रिपोर्ट दर्ज कराते वक्त अफजाल को इकबाल का पुत्र लिखवा दिया था। एसआईसी ने इसी आधार पर मुकदमे से उनके नाम निकाल दिए थे। कोर्ट में गौरव के पिता रविंद्र के बयान ने स्पष्ट किया कि अफजाल और इकबाल सगे भाई हैं। सचिन के पिता बिशन सिंह के भी कोर्ट में बयान हुए, तो दोनों को कोर्ट ने धारा सीआरपीसी 319 में तलब कर जेल भेजा था। दोषी ठहराए जाने के बाद दोनों फिर से कारागार में भेज दिए गए हैं।
विज्ञापन

8 of 8
अधिवक्ता अनिल जिंदल - फोटो : अमर उजाला
हत्याकांड क्रूरतम, मृत्युदंड भी दे सकती है कोर्ट : जिंदल 
वादी पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने कहा कि कवाल कांड में सचिन और गौरव की क्रूरतम तरीके से हत्या की गई थी। यह घटना मुजफ्फरनगर दंगे का कारण बनी, जिसमें 65 से ज्यादा बेगुनाहों की मौत हो गई। केस में दोषी कातिलों को न्यूनतम आजीवन कारावास की सजा के अलावा मृत्युदंड भी दिया जा सकता है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें