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एनकाउंटर में मारे गए पंकज-शहजाद थे टॉप टेन सूची के बदमाश, एक दशक से अपराध की दुनिया में थे सक्रिय

Thu, 12 Sep 2019 10:05 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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पुलिस मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाश पंकज उर्फ बंटी और शहजाद बुढ़ाना कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर और टॉप टेन सूची के बदमाश थे। दोनों बदमाश विनोद बावला गैंग के सदस्य थे। एक दशक से दोनों अपराध की दुनिया में सक्रिय थे। दस वर्ष पहले 2009 में कांधला में सराफा व्यापारी से 96 किलो चांदी लूटने के बाद दोनों बदमाश पुलिस की निगाह में आ गए थे। दोनों मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में व्यापारी से दो लाख रुपये की लूट में वांछित चल रहे थे। मेरठ पुलिस ने दोनों बदमाशों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
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मुठभेड़ में एक सिपाही को भी गोली लगी - फोटो : अमर उजाला
मेरठ पुलिस ने बुधवार रात मुठभेड़ के दौरान बुढ़ाना के दो हिस्ट्रीशीटर बदमाशों को ढेर कर दिया। बुढ़ाना इंस्पेक्टर कुशलपाल सिंह ने बताया कि पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाश बुढ़ाना के निवासी थे। पंकज उर्फ बंटी पुत्र चरण सिंह कस्बे के मोहल्ला शाहवाड़ा का रहने वाला था। वह हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ बुढ़ाना सहित कई थानों में विभिन्न अपराधों के 20 मुकदमे पंजीकृत हैं। वह टॉप टेन बदमाशों की श्रेणी में घोषित था। दूसरा बदमाश शहजाद पुत्र सीदा भी कस्बे के मोहल्ला शाहवाड़ा का ही रहने वाला था। उसके खिलाफ भी बुढ़ाना कोतवाली में 15 अपराध पंजीकृत है। यह भी टॉप टेन बदमाशों की श्रेणी में शामिल था।
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यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों बदमाश विनोद बावला गैंग के सदस्य और शार्प शूटर थे। दस साल पहले शामली जनपद के कांधला थाना क्षेत्र में सराफा व्यापारी के साथ हुई चांदी लूट में ये दोनों बदमाश भी शामिल थे। उसके बाद से दोनों पुलिस की निगाह में आ गए थे। उधर, मुठभेड़ में बदमाशों के मारे जाने की जानकारी मिलने पर परिजन शव लेने मेरठ चले गए थे। दोनों के घरों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

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पुलिस मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के सीओ दौराला जितेंद्र कुमार सरगम ने बताया कि वर्ष 2009 से 2011 तक वे बुढ़ाना कोतवाली में इंस्पेक्टर रह चुके हैं, तभी से दोनों के कारनामों से परिचित थे। मेरठ में कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में दोनों बदमाशों ने व्यापारी से दो लाख रुपये की नकदी लूट ली थी। उन्होंने बताया कि 21 जुलाई 2019 को मेरठ पुलिस द्वारा शहजाद व पंकज उर्फ बंटी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि दोनों बदमाश विनोद बावला गैंग के सदस्य थे।
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पंकज उर्फ बंटी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पंकज उर्फ बंटी की पत्नी को हुआ बेटा
मेरठ पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए पंकज उर्फ बंटी की पत्नी ने बुधवार को देर रात के समय बेटे को जन्म दिया है। पिता अपने बेटे का मुंह नहीं देख सका। उसकी पत्नी को उसके पहले पति से दो संतानें है। पहले पति को छोड़कर उसने पंकज के साथ शादी कर ली थी।

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केवल एक भाई रह गया
पंकज उर्फ बंटी के तीन भाई थे। एक भाई बाटा की करीब दो माह पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। पंकज उर्फ बंटी पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया। तीन भाइयों में से अब केवल काला उर्फ जितेंद्र बचा है। यह परिवार खेतीबाड़ी का कार्य करता है।
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शहजाद का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
छह भाइयों में से तीन रह गए
मेरठ पुलिस के साथ मुठभेड़ में कस्बा निवासी शहजाद पुत्र सीदा की मौत हो गई। सीदा के छह बेटे थे। दो बेटे पहले बीमारी की भेंट चढ़ गए थे। तीसरा बेटा शहजाद भी पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया। इस परिवार में शहजाद के तीन भाई बचे हैं। यह परिवार मजदूरी करके अपना जीवनयापन करता है।

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