फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मर्डर की खौफनाक कहानी: टुकड़े कर ढाई सौ फीट गहरे बोरवैल में फेंकी लाश, चार दोस्तों ने वारदात को दिया अंजाम

Fri, 21 Aug 2020 02:49 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 6
रूपक की मां से मिलने पहुंचे सपा नेता - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए रूपक हत्याकांड ने हर किसी को हिलाकर रख दिया। चार दोस्तों ने अपने ही दोस्त की पहले गोली मारकर हत्या की और फिर लाश को टुकड़े टुकड़े कर ढाई सौ फीट गहरे बोरवैल में फेंक दिया।

तकरीबन पचास दिन से आईटीआई छात्र रुपक की मां बेटे शव के अवशेष बरमदगी को लेकर धरने पर बैठी है। वहीं जिला प्रशासन ने अब बोरवैल से शव बरादम कराने के लिए अभियान चलाया है। इस सनसनीखेज मर्डर ने एक मां बाप से उनका होनहार बेटा तो छीना ही साथ ही दोस्ती के पवित्र रिश्ते को भी कलंकित किया। आगे पढ़े इस खौफनाक मर्डर की पूरी कहानी:-
विज्ञापन

कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के अनूपनगर फाजलपुर निवासी बीस वर्षीय नौजवान रूपक 25 जून को घर से लापता हो गया था। परिजनों के काफी तलाश किए जाने पर भी जब उसका कोई सुराग नहीं लगा तो उन्होंने पुलिस की मदद ली। पुलिस ने छानबीन शुरू की और पीड़ित परिवार द्वारा हत्या की आशंका के तहत उसके कुछ दोस्तों पर शक जताया। पुलिस ने रूपक के तीन दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो दोस्त के मर्डर का खौफनाक सच्चाई सामने आई, जिसे जानकर परिवार सन्न रह गया। 

 
विज्ञापन

पुलिस ने जिन तीन दोस्तों को हिरासत में लिया था, उन्होंने पुलिस पूछताछ में हत्या की वारदात को कुबूल कर लिया। साथ ही उन्होंने इस वारदात का पूरा सच उगल दिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि दोस्त विशाल मनीष, निसार, विकास और अमरदीप ने रूपक का अपहरण किया। इसके बाद 27 जून को जंगल में लेजाकर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने दोस्त की बेरहमी से हत्या के बाद कुल्हाड़ी से शव के टुकड़े टुकड़े किए और जिटोला गांव में ढाई सौ फीट गहरे बोरवैल में फेंक दिए। 
 

बेटे की निर्मम हत्या की बाद से मां मिथिलेश और पिता जसवंत का रो रोकर बुरा हाल है। बेटे का शव बोरवैल से बरामद कराने को लेकर रूपक की मां तकरीबन पचास दिन से धरने पर डटी हैं। मां मिथलेश महिलाओं के साथ पांच दिन से अनशन पर बैठी। जिसके बाद एसीएम व सीओ दौराला ने उन्हें खोदाई का आश्वासन देकर धरने से उठाया। 

बेटा तो नहीं रहा लेकिन परिजन टकटकी लगाएं हैं कि कब बेटे के शव के अवशेष बरामद हों और वे उसका अंतिम संस्कार कर सकें। उधर जिला प्रशासन ने रूपक के शव को निकलवाने के लिए 10 से 17 जुलाई तक लगातार ऑपरेशन चलाया गया था। 50 फीट तक पोकलेन मशीन से खुदाई की गई थी, लेकिन जमीन से पानी निकल आने के कारण ऑपरेशन रोक दिया गया था।
 
विज्ञापन

जटौला गांव स्थित बोरवेल में पुलिस को रूपक के शव के कुछ अवशेष मिले हैं। शव बरामद कराने के लिए पुलिस अब एनडीआरएफ की मदद ली जा रही है। वहीं अब शव को निकालने के लिए अत्याधुनिक टीबीएम मशीन मंगाई गई है। बोरवैल तक सड़क संकरी होने के कारण टीबीएम नहीं पहुंच पाई, जिसके बाद से टीबीएम को बोरवैल तक लेकर जाने के लिए मशक्कत की जा रही है। वहीं बारिश के कारण भी सर्च आॅपरेशन में बाधा आई है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्य आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी विशाल फरार है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। हत्या के आरोपी दोस्तों ने बताया कि विशाल रूपक की बहन से छे़ड़छाड़ करता था, जिसके उसने कई बार विरोध किया था। इसके बाद विशाल ने तीन दोस्तों के साथ मिलकर उसकी हत्या का प्लान बनाया।

शव के टुकड़े बरामद करने के लिए विशेष टीबीएम मशीन मंगवाई गई है। एनडीआरएफ की मदद ली जा रही है। यदि बोरवेल से रूपक का शव बरामद हो जाता है तो मामला हत्या में तरमीम कर दिया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें