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मर्डर: बसपा नेता के हत्यारोपित को गोलियों से भून डाला, गांव में तनाव, पुलिसफोर्स तैनात

Sat, 15 Dec 2018 07:00 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मौके पर पुलिस तैनात और नीचे मृतक युवक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
यूपी के मेरठ जिले में शनिवार को गुर्जर समाज के एक युवक की गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई। मृतक युवक बसपा नेता की हत्या मामले में आरोपी था। इस सनसनीखेज घटना से इलाके में दहशत बन गई है और गांव में तनाव में पैदा हो गया है। वहीं तनाव को देखते हुए गांव में कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है। 

वहीं गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने कई घंटों तक जबरदस्त हंगामा किया। यही नहीं बल्कि चार घंटे तक शव भी नहीं उठने दिया। इस दौरान ग्रामीणों की पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस चार घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो हाईवे जाम कर दिया जाएगा।
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मौके पर पुलिसफोर्स तैनात - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र के शोभापुर गांव का है। यह घटना उसी गांव (शोभापुर) की है जहां से दो अप्रैल को भारत बंद पर हिंसा ने विकराल रूप लिया था। दलित आंदोलन के बाद यहां दलित युवक (गोपीचंद) की गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई थी। गोपीचंद की हत्या मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को जेल भेज दिया था। जिनमें से दो आरोपी अभी जेल में ही है और मनोज व आशीष दो महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आए थे।

बताया गया कि शनिवार दोपहर करीब 1:00 बजे खेतों में गेहूं बो रहे युवक की तीन बाइक सवार आठ हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी। युवक के पास उसके दो साथी भी मौजूद थे, जो गोलियां चलते ही मौके से भाग निकले। हमलावर हाईवे की तरफ जा रहे थे, जहां उन्होंने सेंट्रो कार के पास खड़े एक व्यक्ति के ऊपर भी गोली चलाई। हालांकि वह गोली कार में धस गई।
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मौके पर पुलिसफोर्स तैनात - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद हमलावर हाईवे के रास्ते फरार हो गए। सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और युवक को कैलाशी अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं परिजन शव को घर ले आए। मृतक युवक (आशीष गुर्जर) बीए का छात्र था और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे।

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मौके पर पुलिसफोर्स तैनात - फोटो : अमर उजाला
उधर, सूचना पर एसपी सिटी, एसपी क्राइम पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाने का प्रयास किया। लेकिन परिजन और भीड़ ने हंगामा कर शव उठने नहीं दिया और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की।

शोभापुर गांव निवासी आशीष गुर्जर पुत्र महके सिंह पर कुछ महीने पहले गांव में ही दलित समाज के गोपी पारिया हत्याकांड में 302 का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस हत्याकांड में आशीष गुर्जर के अलावा मनोज, कपिल और सुनील नामजद हुए थे। उसके बाद पुलिस ने एक-एक कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। जिसमें दो महीने पूर्व ही आशीष गुर्जर और मनोज जमानत पर रिहा हुए थे। जबकि सुनील और कपिल वर्तमान में भी जेल में बंद है।
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मौके पर पुलिसफोर्स तैनात - फोटो : अमर उजाला
बताया गया कि शनिवार को गोपी पारिया हत्याकांड में चारों आरोपियों की कोर्ट में तारीख थी। अन्य परिजन तारीख पर गए हुए थे, जबकि आशीष को भी जाना था। शनिवार दोपहर करीब 1:00 बजे आशीष अपने दोस्त प्रिंस, अंशुल और दीपक टाटिया के साथ शोभापुर गांव के पास ही आर्मी फार्म हाउस के नजदीक अपने खेतों में गेहूं बोने के लिए गया था। खेत के पास आशीष अपने तीनों दोस्तों के साथ बैठा हुआ था।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
प्रत्यक्षदर्शी प्रिंस ने बताया कि इसी बीच तीन पल्सर बाइक सवार आठ युवक आए और आशीष गुर्जर को निशाना बनाते हुए आठ हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। बताया जा रहा है कि तीन गोली आशीष के सिर में तो तीन गोली शरीर में नीचे के हिस्से में लगी। इसी बीच उसके तीनों साथी वहां से भाग निकले। एक हमलावर ने प्रिंस पर गोली चलाने के लिए तमंचा ताना, जिस पर प्रिंस ने पत्थर मारकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने गांव जाकर घटना की जानकारी दी।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान हमलावर घटनास्थल से नेशनल हाईवे की तरफ भाग निकले। जहां रास्ते में प्रॉपर्टी डीलर दर्शन सिंह गुर्जर पुत्र हेम सिंह निवासी शोभापुर पर भी गोली चलाई। लेकिन वह बाल-बाल बच गए। हालांकि एक गोली उनकी सैंट्रो कार में धंस गई। जिसके बाद हमलावर हाईवे के रास्ते फरार हो गए। सूचना पर ग्रामीण और परिजन खेत पहुंचे, जहां से उन्होंने आशीष को गाड़ी से कैलाशी अस्पताल पहुंचाया, मगर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन शव को लेकर रोहटा रोड पर स्थित राणा फार्म हाउस के पास उसके घर ले आए, जहां एसपी क्राइम डॉक्टर बीपी अशोक, एसपी सिटी रणविजय सिंह, सीओ अखिलेश भदौरिया समेत आधा दर्जन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान भारी संख्या में गुर्जर समाज के लोग जमा हो गए और हमलावरों की गिरफ्तारी न होने तक शव नहीं उठने देने की चेतावनी दी।

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एसपी सिटी रणविजय सिंह - फोटो : अमर उजाला
प्रत्यक्षदर्शी प्रिंस ने एसपी सिटी रणविजय सिंह और एसपी क्राइम डॉक्टर बीपी अशोक को बताया कि आशीष गुर्जर की हत्या में शोभापुर गांव के दलित समाज के आठ हमलावर शामिल थे। जिनमें गोपी पारिया का भाई प्रशांत उर्फ निशु पुत्र ताराचंद पारिया, विजय उर्फ भांडु, गिज्जू उर्फ़ अमरदीप पुत्र राजेंद्र, रोहित पुत्र सुभाष, रवि पुत्र नाथ, रोहित, अमित पुत्र विजयपाल और केवल का सबसे छोटा पोता शामिल था। जिसके बाद पुलिस ने टीम भेजकर इनकी तलाश शुरू की है।

बहन भाई में सबसे बड़ा था आशीष गुर्जर
परिजनों के मुताबिक, आशीष गुर्जर बहन-भाई में सबसे बड़ा था। उसके बाद छोटा भाई जॉनी उर्फ मनीष फिर एक बहन अंकुल है। 13 दिसंबर को आशीष गुर्जर के तहेरे भाई की भी शादी थी। जिस में आए मेहमान भी अभी तक रूके हुए हैं। घर में हंसी खुशी का माहौल बना हुआ था।
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एसपी सिटी रणविजय सिंह - फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी रणविजय सिंह ने मृतक के परिजनों और मौजूद गुर्जर समाज के लोगों को आश्वासन दिया है कि हमलावर जो कोई भी है, वह गिरफ्तार होंगे। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीणों ने हमलावरों की गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। एसपी सिटी ने उन्हें किसी तरह समझा कर शांत किया।

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