मुठभेड़
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कांवड़ यात्रा के दौरान मिल जाती आवाजाही की छूट
जनपद के कई कारोबारियों के साथ ही कुछ और लोगों को टारगेट पर रखते हुए रोहित कांवड़ यात्रा के शुरू होने का इंतजार कर रहा था। इसीलिए फरारी के बाद अधिकांश समय वह जनपद के ही जंगलों में छिपे रहकर जगह बदलते हुए कांवड़ यात्रा शुरू होने का बेसब्री से इंतजार करता रहा। दरअसल, कांवड़ यात्रा शुरू होने के साथ ही पुलिस-प्रशासन शिवभक्तों की सुरक्षा में लग जाता। अधिकांश मौकों पर कांवड़ियों की आवाजाही पर किसी तरह की रोक-टोक भी नहीं होती। वहीं, दूसरी ओर बारिश का मौसम शुरू होने से हाईवे के साथ ही संपर्क मार्गों पर भी पुलिस चेकिंग बंद हो जाती है, जिसका फायदा रोहित को मिल जाता। हालांकि उसके इन मंसूबों को कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही खाकी की गोलियों ने उसे अपना निशाना बना लिया।