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रोहित गैंग के खात्मे से टूटा खौफ का साम्राज्य, कुख्यात के निशाने पर थे कई बड़े कारोबारी

Thu, 18 Jul 2019 03:40 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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कुख्यात रोहित उर्फ सांडू - फोटो : अमर उजाला
सुपारी किलर रोहित उर्फ सांडू के साथ ही उसके तीन अन्य साथियों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने से उसके खौफ के साम्राज्य का अंत हो गया है। अभिरक्षा से फरार होने के बाद रोहित के निशाने पर मुजफ्फरनगर व मंसूरपुर के कई कारोबारी थे, जिनकी सुरक्षा में दिन-रात 70 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गईं थीं।
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लाल टोपी में कुख्यात रोहित - फोटो : अमर उजाला
मंसूरपुर क्षेत्र के गांव जौहरा निवासी सुपारी किलर रोहित उर्फ सांडू पुत्र नेपाल सिंह ने कम समय में ही जनपद के साथ ही मेरठ में भी खौफ का साम्राज्य खड़ा कर दिया था। उसके खौफ का आलम यह था कि कई बड़े कारोबारियों से उसके गुर्गे खुलेआम अवैध वसूली कर रहे थे।
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मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
जेल में रहते हुए खौफ कायम रख पाने में कामयाब रहा रोहित अब सूचीबद्ध माफिया सरगना सुशील मूंछ की हत्या कर पश्चिमी यूपी का सबसे बड़ा डॉन बनने का मंसूबा पाले हुए था। इसी क्रम में वह दो जुलाई को मिर्जापुर पुलिस के दरोगा दुर्गविजय सिंह की हत्या कर अभिरक्षा से फरार हो गया था।

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एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार - फोटो : अमर उजाला
वहीं पुलिस जांच में रोहित उर्फ सांडू के मेरठ के एक लाख के इनामी रहे भूपेंद्र बाफर व संजीव जीवा-मुन्ना बजरंगी गैंग के साथ हाथ मिलाने की खबरें छन-छनकर बाहर आतीं रहीं, लेकिन अफसर इसकी पुष्टि करने से कतराते रहे।
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बदमाश राकेश का फाइल फोटो ऊपर व उसका घर - फोटो : अमर उजाला
सूत्रों की मानें तो अभिरक्षा से फरार होने के बाद मंसूरपुर और मुजफ्फरनगर के कई कारोबारी रोहित के निशाने पर थे। फरारी के बाद पुलिस अफसरों को भी दिन-रात उसके द्वारा किसी बड़ी वारदात को अंजाम दिए जाने का इनपुट लगातार मिल रहा था। यही कारण रहा कि उसकी अभिरक्षा से फरारी के दौरान 14 दिन तक लगातार 70 से अधिक पुलिसकर्मी चिह्नित कारोबारियों की सुरक्षा में लगे हुए थे। मंगलवार को रोहित के साथ ही उसके तीन अन्य साथियों के एनकाउंटर में ढेर होने के बाद उसके द्वारा कायम किया गया खौफ का साम्राज्य लगभग पूरी तरह से टूट चुका है, जिससे न केवल पुलिस ने बल्कि उसके निशाने पर रहे कारोबारियों व आम जनमानस ने भी राहत की सांस ली है।
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मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
कांवड़ यात्रा के दौरान मिल जाती आवाजाही की छूट
जनपद के कई कारोबारियों के साथ ही कुछ और लोगों को टारगेट पर रखते हुए रोहित कांवड़ यात्रा के शुरू होने का इंतजार कर रहा था। इसीलिए फरारी के बाद अधिकांश समय वह जनपद के ही जंगलों में छिपे रहकर जगह बदलते हुए कांवड़ यात्रा शुरू होने का बेसब्री से इंतजार करता रहा। दरअसल, कांवड़ यात्रा शुरू होने के साथ ही पुलिस-प्रशासन शिवभक्तों की सुरक्षा में लग जाता। अधिकांश मौकों पर कांवड़ियों की आवाजाही पर किसी तरह की रोक-टोक भी नहीं होती। वहीं, दूसरी ओर बारिश का मौसम शुरू होने से हाईवे के साथ ही संपर्क मार्गों पर भी पुलिस चेकिंग बंद हो जाती है, जिसका फायदा रोहित को मिल जाता। हालांकि उसके इन मंसूबों को कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही खाकी की गोलियों ने उसे अपना निशाना बना लिया।
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यूपी पुलिस
इन्होंने कहा...
एसपी सिटी सतपाल आंतिल ने बताया कि मुजफ्फरनगर के साथ ही मंसूरपुर के भी कई लोग रोहित के निशाने पर थे, जिन्हें लगातार सुरक्षा मुहैया कराई जा रही थी। कांवड़ यात्रा शुरू होने के साथ ही उसके द्वारा किसी वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका थी, लेकिन इससे पहले ही वह मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

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