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दिल्ली में रची गई मेरठ बवाल की साजिश, ऐसे हुआ खुलासा, इन तस्वीरों से मास्टमाइंड तक पहुंचेगी पुलिस

Sat, 21 Dec 2019 03:15 PM IST
कपिल kapil गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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जामा मस्जिद से नमाज के बाद काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में मेरठ में सबसे ज्यादा बवाल हुआ। चार लोगों की मौत हो गई, दो आरएएफ जवान, एक सिपाही समेत 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात काबू में आने के बाद अब पुलिस बवाल के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।
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उपद्रवी को पीटती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की जांच में सामने आया है कि लिसाड़ीगेट और हापुड़ रोड पर बवाल कराने के लिए दिल्ली से बड़ी संख्या में युवक भेजे गए थे। बवाल में मरने वाला आसिफ भी इसी उद्देश्य से दिल्ली से मेरठ भेजा गया था। रात में मेरठ पुलिस-प्रशासन ने यही रिपोर्ट शासन को भेजी।
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उपद्रवियों को खदेड़ती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इस बवाल के पीछे गहरी साजिश है। मेरठ के नेता, शहरकाजी समेत कई जिम्मेदार लोगों ने पुलिस को आश्वासन दिया था कि शहर में कोई बवाल नहीं होगा। इसके बावजूद सीएए के विरोध में मेरठ में सभी जिलों से ज्यादा हिंसा हुई। बवाल शांत होने के बाद रात दस बजे शहरकाजी व अन्य जिम्मेदार लोगों को एसएसपी ने अपने आवास पर बुलाया।

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उपद्रवियों को खदेड़ती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पता चला कि बवाल की पटकथा दिल्ली में रची गई है। हालांकि बवाल के मास्टरमाइंड के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस ने एक सफेदपोश नेता पर आशंका जताई है। उसके मोबाइल की सीडीआर भी निकाली गई है। पुलिस का दावा है कि लिसाड़ीगेट और हापुड़ रोड पर बवाल करने वाले को दिल्ली से भेजा गया है।
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पनाह मेरठ में मिली

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बवाल के दौरान भागता युवक - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि दिल्ली से आए बवालियों को लिसाड़ीगेट में पनाह मिली। एसएसपी ने शहरकाजी से कहा कि पनाह देने वाले भी चिह्नित होंगे। वह भी दोषी हैं। पुलिस ने वीडियोग्राफी कराई है। इसके माध्यम से भी बवालियों को चिह्नित कराया जा रहा है।
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पथराव करते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
आसिफ के साथ और कितने लोग मेरठ आए, इसकी जांच भी पुलिस ने शुरू कर दी है। बवाल में मरने वाला आसिफ मूलरूप से दिल्ली का रहने वाला था। जबकि उसके परिवार के लोग ताला फैक्टरी लिसाड़ी गेट में रहते हैं।
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आखिर कौन है वो सफेदपोश नेता 

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पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
बवाल के पीछे मेरठ के एक सफेदपोश नेता का नाम सामने आ रहा है। लखनऊ में बवाल होने के बाद दिल्ली में मेरठ में बवाल कराने की प्लानिंग बनाई गई। इसको लेकर दिल्ली में एक मीटिंग भी हुई थी। इसमें मेरठ का सफेदपोश नेता शामिल था। बृहस्पतिवार रात दिल्ली से आए बवालियों ने लिसाड़ीगेट में भी मीटिंग की।

अवैध असलहों से बरसीं गोलियां 

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पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
लिसाड़ीगेट में अवैध हथियारों की फैक्टरी चलती है। यहां से असलहे सप्लाई होते हैं। शुक्रवार को इन्हीं अवैध असलहों से पुलिस पर गोलियां बरसाई गईं। इतने हथियार पुलिस के पास नहीं थे, जितने बवालियों के पास थे। यही वजह थी कि बवाली पीछे नहीं हटे। पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलती रहीं।
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फोर्स की कमी का उठाया फायदा 

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बवालियों को पकड़ती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बवाल को कंट्रोल करने के लिए फोर्स भी कम था। इसका फायदा भी बवालियों ने उठाया। लिसाड़ीगेट में पुलिस फोर्स रही तो हापुड़ अड्डे पर बवालियों ने अराजकता की। इसको लेकर रात में एडीजी, आईजी, डीएम और एसएसपी की मीटिंग हुई। उसके बाद मेरठ में पुलिस फोर्स बाहरी जिलों से बुलाई गई है। कई पुलिस अधिकारियों को लगाया गया है।

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