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उपद्रव मामले में चौंका देने वाली सच्चाई, बनी थी ये प्लानिंग, सामने आए चार पुलिसकर्मियों के नाम

Thu, 02 Jan 2020 03:23 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ उपद्रव फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में 20 दिसंबर 2019 को हुए उपद्रव के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। बताया गया कि उपद्रव से तीन दिन पहले लिसाड़ीगेट और कोतवाली क्षेत्र में कई बार मीटिंग हुई। जिसमें उपद्रव करने की प्लानिंग बनी थी। चार पुलिसकर्मी भी इन मीटिंग में शामिल होने बताए गए। इन पुलिसकर्मियों के नाम सामने आने के बाद जांच शुरू हो गई है।
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जमकर पथराव हुआ था - फोटो : अमर उजाला
20 दिसंबर को हापुड़ रोड और लिसाड़ीगेट में चार घंटे तक उपद्रव हुआ था। इस उपद्रव के पीछे गहरी साजिश को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं। एलआईयू के अलावा थाना पुलिस का मुखबिर तंत्र भी साजिश का पता लगाने में फेल साबित हुआ। उपद्रव के बाद पुलिस अधिकारी इसकी गहनता से जांच करने में लगे हैं।
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पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों के अनुसार उपद्रव में चार पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है। उपद्रव के लिए लोग कई दिन से मीटिंग कर रहे थे। जिसमें पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया व सोशल डेमोक्रेटिक ऑफ इंडिया के लोग शामिल थे। दोनों संगठन के लोग नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लोगों को भड़काने में लगे थे।

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मेरठ उपद्रव फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध होने की जानकारी पुलिस अधिकारियों को भी है। जिस पर पुलिस अधिकारियों ने मीटिंग में भी इसको लेकर मंथन किया है। एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह का कहना है कि यह बात सामने आई थी। गंभीरता से जांच के बाद ही खुलासा किया जाएगा। उपद्रव के मामले में कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा, चाहे वह कोई भी हो। कई पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी देखी जा रही है। उपद्रव के दौरान संबंधित पुलिसकर्मी कहां- कहां थे और उपद्रवियों पर शिकंजा कसने के लिए उनका क्या योगदान रहा, इसकी जांच चल रही है।
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मेरठ उपद्रव की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बन रही थी प्लानिंग, कहां थी पुलिस
एसएसपी ने साल 2019 के अंतिम दिन की क्राइम मीटिंग में बीट कांस्टेबल और हलका दरोगा से लेकर थानेदार व सीओ को जमकर फटकार लगाई थी। कहा था कि उपद्रव करने के लिए पूरी प्लानिंग बनाई गई और किसी भी पुलिसकर्मी को पता तक नहीं चला। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठते है। पुलिस का मुखबिर तंत्र कहां गायब है।

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