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कोरोना वार्ड: किसी से मिलना तो दूर, दरवाजे छूने की भी इजाजत नहीं, 50 कदम की दूरी पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी

Mon, 06 Apr 2020 06:06 PM IST
Dimple Sirohi मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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meerut medical - फोटो : amar ujala
मेरठ का मेडिकल काॅलेज, यहां इमरजेंसी में अक्सर लोगों के आवागमन की भीड़भाड़ रहती थी। इमरजेंसी के बाहर मरीजों के तीमारदार नजर आते थे, जूनियर डॉक्टर और अन्य कर्मचारी बेबाक होकर बोलते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है, कोरोना के खौफ के कारण अब यहां नजारा पूरी तरह बदल चुका है।

सोमवार दोपहर 2 बजे मेडिकल कॉलेज में सन्नाटा पसरा हुआ था। इमरजेंसी के बाहर दूर कोई तीमारदार नजर नहीं आया। पोस्टमार्टम के कागज हाथ मे लिए एक डॉक्टर ने बताया कि इमरजेंसी से सटे भवन में कोरोना संक्रमण वार्ड बनाया गया है। यहां से दूर ही रहो। दूसरा वार्ड दूसरी तरफ बनाया गया है। मेडिकल कॉलेज में आने जाने वाला हर व्यक्ति यहां से बचकर निकल रहा है। क्योंकि कोरोना से सावधानी ही बचाव है। 
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meerut medical - फोटो : amar ujala
कोरोना संक्रमित वार्ड के बाहर इमरजेंसी में एक एम्बुलेंस रिजर्व में खड़ी हुई थी। गेट के बाहर सिक्योरिटी गार्ड तैनात थे। शीशे के गेट खुले हुए थे। पास में दो डॉक्टर आपस मे बात कर रहे थे।

गेट पर नोटिस लगा हुआ था कि यहां किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश की इजाजत नहीं है। गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड हरि ने दूर से इशारा करते हुए कहा की नजदीक मत आइए। 
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meerut medical - फोटो : amar ujala
यहां सिक्योरिटी का कड़ा पहरा है। 12-12 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई हैं। मेरठ के अलावा हापुड़, गाजियाबाद बुलंदशहर और अन्य जिलों के मरीज भर्ती हैं। डॉक्टरों की टीम और देखरेख करने वाली नर्स विशेष सावधानी बरतें हुए हैं।

उनके अलावा यहां किसी का अंदर आना तो दूर, बल्कि दीवार छूने तक की भी इजाजत नहीं है। कोई भी कर्मचारी गेट नहीं छू सकता। किसी भी मरीज के पास मोबाइल फोन नहीं है और न ही परिवार के सदस्य को बात करने की अनुमति। दिन में तीन बार यहां सैनिटाइजर का प्रयोग किया जा रहा है।

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मेरठ में कोरोना वायरस - फोटो : amar ujala
कोरोना वार्ड से बाहर निकल कर आई एक नर्स  ने बताया कि अंदर जो स्टाफ है वह किसी से बात नहीं कर सकता। मरीजों का इलाज करने वालों को भी क्वारंटीन किया जा रहा है।

डाॅक्टर ड्यूटी कर अपना फर्ज निभा रहे हैं, पर एक खतरा बना हुआ है कि पता नहीं कब कोरोना की चपेट में आ जाएं। परिवार के लोगों से भी मिलना नहीं हो रहा, हर कदम पर सावधानी बरती जा रही है। 
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मेरठ में कोरोना वायरस - फोटो : amar ujala
कोरोना वार्ड के दूसरे गेट पर भी 108 एम्बुलेंस तैनात खड़ी थी। एम्बुलेंस स्टाफ अलर्ट था कि न जाने कहां अचानक से जाना पड़ जाए। दोनों गेट पर 4-4 सुरक्षा कर्मी तैनात थे।

अंदर जो मरीज भर्ती हैं उनके बेड सामान्य दूरी पर बताए गए। 24 घंटे ड्यूटी कर यहां कर्मचारियों में एक खौफ नजर आया कि पता नहीं कौन कब कोरोना की चपेट में आ जाए।
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medical collage meerut
514 शुगर के बावजूद ड्यूटी कर रही महिला सिपाही 
कोरोना वार्ड में भर्ती मरीज डॉक्टरों के साथ कोई अभद्रता न कर दें और सुरक्षा के तौर पर पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। एक तरफ इंस्पेक्टर बृजेश कुशवाहा और सिपाही अरुण कुमार की ड्यूटी थी तो दूसरी तरफ हेडकांस्टेबल देवेंद्र कुमार, महिला सिपाही रेखा व सिपाही प्रदीप कुमार तैनात थे।

पुलिस कर्मी कोरोना वार्ड से 50 कदम की दूरी पर तैनात थे। महिला सिपाही रेखा ने बताया कि शुगर टेस्ट कराया तो 514 आया, बीमार हुं। सुबह 7 बजे से रात 8 बजे की ड्यूटी है। रात में दूसरे पुलिस कर्मी ड्यूटी पर आते हैं। सावधानी तो बरत रहे हैं पर एक डर बना हुआ है की कहीं कुछ हो न जाए। यदि कायम है तो बस ये हौसला कि ड्यूटी से पीछे नहीं हटना है।
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