अंतिम संस्कार की तैयारी करते चंद लोग
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन के चलते कहीं पिता की अस्थियों को पुत्र का इंतजार हैं तो कहीं पुत्र उन्हें मुखाग्नि देने से भी वंचित हैं। कोरोना के चलते करीब- करीब पूरा परिवार ही क्वारंटीन किया जा रहा है। ऐसे में अगर परिवार के किसी सदस्य की कोरोना से मौत हो जाती है तो परिजन उसके अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पा रहे हैं। पहले किसी के निधन पर जहां सैकड़ों लोग जमा हो जाते थे वहीं अब चिताओं के आप-पास तीन-चार लोग होते हैं। ऐसे में रस्मों को पूरा करना तो नामुमकिन हो रहा है। ऐसे में रिश्तेदारों को मृतक के संबंध में सूचना तो दी जा रही है, लेकिन उनसे घर में ही रहकर मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने को कहा जा रहा है।