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कोरोनावायरस का कहर: 50 हजार टन बासमती का निर्यात अटका, कई अन्य देशों में भी मांग में गिरावट

Thu, 05 Mar 2020 12:30 PM IST
Dimple Sirohi मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ
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भारतीय बासमती चावल - फोटो : अमर उजाला
कोरोनावायरस ने अब कृषि क्षेत्र में भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है। पहले अमेरिका और ईरान में हुए विवाद के चलते भारतीय बासमती का निर्यात अटका हुआ था। अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार फिर से शुरू होने से पहले ईरान को होने वाले 50 हजार टन के बासमती निर्यात पर रोक लग गई है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो निर्यातकों और किसानों को आगे भी भारी नुकसान उठाना पडे़गा।

 
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बासमती चावल - फोटो : अमर उजाला
अमेरिका और ईरान में हुए विवाद ने पहले ही बासमती के निर्यात पर काफी असर डाला था। कई महीने तक निर्यात रुका हुआ था। निर्यातक व किसान परेशान थे। अब फरवरी और मार्च के लिए करीब 50 हजार टन के निर्यात का आर्डर ईरान से मिला था। जिसे पूरा करने में निर्यातक लगे थे। लेकिन अब कोरोना वायरस के चलते बासमती का निर्यात अटका तो बाजार में दाम भी पिछले पंद्रह दिनों से लगातार गिरते जा रहे हैं।       जिससे निर्यातकों और किसानों की नींद उड़ी हुई है। 
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बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान - फोटो : अमर उजाला
इन देशों में जाता है बासमती 
सऊदी अरब, इराक, ईरान, कुवैत, ओमान, तुर्की, कनाडा, बेल्जियम, इटली, फ्रांस, मलयेशिया, सीरिया, साउथ अफ्रीका, अलजीरिया, न्यूजीलैंड, पुर्तगाल, स्वीडन, जर्मनी, इजराइल, बहरीन, आस्ट्रेलिया, जॉर्डन, नीदरलैंड, लेबनान, सिंगापुर, जापान, रूस समेत करीब 165 देशों में बासमती निर्यात होता है। 

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basmati rice - फोटो : अमर उजाला
बासमती के दामों गिरावट 
15 फरवरी 2020 को ये थे दाम (रुपये में)

प्रजाति              पहले                 अब
पूसा 1121    2900 से 2920     2400 से 2430
पूसा 1509      2470 से 2500    2110 से 2130
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पिछले वर्ष का निर्यात 
वर्ष 2018-19    14.83 लाख टन 
वर्ष 2019-20    7.8 लाख टन 

देश    प्रतिशत 
ईरान    21.7 
स.अरब     20  
यूएई    10.5  
इराक    10.4 
यूरोप    9
 
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basmati
ईरान के अलावा कई देश प्रभावित
बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान (बीईडीएफ) मोदीपुरम मेरठ से बासमती के निर्यात पर नजर रखी जाती है। यहां के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रितेश शर्मा का कहना है कि शुरुआत में निर्यातकों ने महंगे दामों पर भारतीय बासमती खरीदा था, लेकिन अब निर्यात रुकने से परेशानी बढ़ती जा रही है। कोरोना वायरस ने निर्यात की रफ्तार पर रोक लगा दी है।ईरान के अलावा अन्य देशों पर भी कोरोना वायरस का असर के चलते वहां से भी आर्डर कम मिल रहे हैं। 
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-डॉ. रितेश शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान, मेरठ - फोटो : अमर उजाला
बंदरगाह पर अटके ऑर्डर
पहले अमेरिका और ईरान विवाद के चलते निर्यात प्रभावित हुआ था। अब फरवरी और मार्च के लिए करीब 50 हजार टन के निर्यात का आर्डर मिला था। जिस पर कोरोना वायरस का असर दिख रहा है। आर्डर बंदरगाह पर ही अटके हुए हैं। कोरोना वायरस के चलते अन्य देशों के आर्डर भी रुके हुए हैं। बाजारों के दाम में भी भारी गिरावट आ रही है। अगर यही स्थिति रही तो दाम और भी गिरेंगे।  -डॉ.रितेश शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान 
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