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मेरठ मेडिकल की हालत खस्ता, बेड-उपचार को भटक रहे ‘लाचार’, कई मरीजों को वापस ले गए तीमारदार 

Sun, 09 May 2021 01:10 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • बेड न मिलने के कारण शनिवार को कई मरीजों को वापस ले गए तीमारदार
  • सामान की भी नहीं हो रही सुरक्षा, जवाब देने वाला कोई नहीं 
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meerut medical - फोटो : amar ujala
मेरठ मेडिकल कॉलेज की हालत खस्ता है। मरीजों को बेड नहीं मिल रहे। कोई इमरजेंसी के फर्श पर तो कोई स्ट्रेचर पर नजर आता है। अपनों का हाल जानने के लिए कोविड अस्पताल पहुंचे तीमारदार परेशान हैं। उनको पता नहीं चल पा रहा कि मरीज किस हालत में है। लोग असहनीय पीड़ा से गुजर रहे हैं। मरीज तड़प रहे हैं और कोई सुनने वाला नहीं। 

दो दिन पहले ही मेडिकल अस्पताल में विनेश जैन के बड़े भाई, भाभी की कोरोना से मृृत्यु हो गई। परिजनों को शव तो दे दिए, मगर मरीज के पास जो मोबाइल वार्ड में था वो मोबाइल गायब है। परिजनों ने थाने में रिपोर्ट भी लिखवा दी है।

 
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oxygen - फोटो : amar ujala
कई मरीजों के मोबाइल बॉडी बैग के साथ ही उस में डाल दिए गए, जिस कारण कई के जले हुए मोबाइल भी बाद में मिले हैं। कोविड प्रभारी डॉ. सुधीर राठी का कहना है कि लोगों को अपने सामान को या तो अस्पताल में जमा करा देना चाहिए या फिर वापस अपने साथ तीमारदार को ले जाना चाहिए। ऐसे में कोरोना मरीजों के सामान को संभालना चुनौती बना हुआ है।

 
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oxygen - फोटो : amar ujala
केस स्टडी-1 
बेगमबाग की अफ्तारा को जब कहीं बेड नहीं मिला तो परिवारवाले मेडिकल लाए लेकिन यहां भी ऑक्सीजन सप्लाई वाला बेड नहीं मिला। बेड फुल बताए। घंटों इंतजार किया, कोई सुनवाई नहीं हुई। वापस लौटना पड़ा।

केस-2
मेडिकल कॉलेज में कोविड की जांच कराने के लिए आई एक बुजुर्ग महिला को घंटों तक एंबुलेंस में ही इंतजार करना पड़ा। तीमारदार परेशान रहे। मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 

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oxygen - फोटो : amar ujala
ऑक्सीजन के लिए घंटों भटकते रहे तीमारदार, पिछले 24 घंटे से चारों प्लांट पर नहीं मिली ऑक्सीजन
बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच पिछले 24 घंटे से परतापुर में बने चारों प्लांटों पर ऑक्सीजन खत्म हो गई। अपनों को बचाने के लिए तीमारदार भूखे प्यासे और गर्मी में कतारों में लगे रहे। प्लांट संचालकों की ओर से बताया गया कि शनिवार देर रात तक ऑक्सीजन मिली। 
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oxygen crises in meerut - फोटो : amar ujala
परतापुर क्षेत्र में अग्रवाल गैसेज, माहेश्वरी गैसेज, कंसल इंडस्टीज गैस और कृष्णा गैसेज के चार प्लांट हैं। इनके बाहर सैकड़ों तीमारदार ऑक्सीजन की आस में कतारों में लगे हैं। बहुत से लोग भूखे प्यासे ही किसी तरह ऑक्सीजन मिलने के इंतजार में हैं। जिला प्रशासन हेल्पलाइन नंबर दे रहा है कि किसी को कोई दिक्कत हो तो फोन करे। उससे भी खास राहत नहीं मिल रही।
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oxygen - फोटो : amar ujala
ब्रह्मपुरी निवासी बादल का कहना था कि शुक्रवार शाम सात बजे से खडे़ हैं। गैस नहीं मिली। पापा की हालत खराब है। ऐसा ही हाल बेगमबाग निवासी सतीश का था। वहीं, अग्रवाल गैसेज के मालिक अमित अग्रवाल ने बताया कि रात तक ऑक्सीजन मिलने की उम्मीद है। ऐसे माहौल में ऑक्सीजन की कालाबाजारी रोकने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अफसर पहुंचते रहे और जानकारी लेते रहे। खाली सिलेंडर के लिए मारामारी है। 

शनिवार को माहेश्वरी और अग्रवाल गैस प्लांट पर हरियाणा दिल्ली के लोगों का तांता लगा रहा। उनका कहना है कि दिल्ली, गाजियाबाद, हरियाणा में आक्सीजन गैस नहीं मिल पा रही है। ऑक्सीजन न मिलने से लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
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