मेरठ की बेटी एथलीट प्रियंका गोस्वामी ने बर्मिंघम में आयोजित वॉक रेस प्रतियोगिता में पैदल चाल चलते हुए रजत पदक हासिल किया है। बेटी के पदक जीतने की खबर लगते ही परिजनों में खुशी का माहौल है। इससे पहले टोक्यो ओलंपिक के दौरान जब प्रियंका ने जापान से फोन पर परिजनों को यह बताया कि उनकी किट कितनी खूबसूरत है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। इसी किट के लिए तो उसने दिन रात मेहनत की थी, ताकि वह सोने पर दांव लगाकर अपने देश को गौरवान्वित कर सकें। टोक्यो ओलंपिक में तो वह पदक नहीं जीत सकीं, लेकिन पदक की चाहत को प्रियंका ने बर्मिंघम में पूरा कर दिखाया। प्रियंका के संघर्ष की कहानी दूसरे खिलाड़ियों को प्रेरित करने के लिए काफी है।
वेस्ट यूपी की कुल पांच बेटियां बर्मिंघम में चल रही खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रही हैं, यह गर्व की बात है। इन्हीं में से एक हैं मुजफ्फरनगर की मूल निवासी प्रियंका गोस्वामी। बर्मिंघम में उन्हें पदक की मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा था। उनके परिवार दोस्त और रिश्तेदार उनकी जीत की कामना कर रहे थे। शनिवार को हुए 10 किलोमीटर के पैदल चाल के मुकाबले में उन्होंने रजत पदक प्राप्त किया।