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UP: बैग की चाहत ने प्रियंका गोस्वामी को पहुंचाया बर्मिंघम, पैदल चाल में देश को दिलाया पदक

Sat, 06 Aug 2022 04:39 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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दस हजार मीटर पैदल चाल के दौरान प्रियंका - फोटो : सोशल मीडिया
मेरठ की बेटी एथलीट प्रियंका गोस्वामी ने बर्मिंघम में आयोजित वॉक रेस प्रतियोगिता में पैदल चाल चलते हुए रजत पदक हासिल किया है। बेटी के पदक जीतने की खबर लगते ही परिजनों में खुशी का माहौल है। इससे पहले टोक्यो ओलंपिक के दौरान जब प्रियंका ने जापान से फोन पर परिजनों को यह बताया कि उनकी किट कितनी खूबसूरत है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। इसी किट के लिए तो उसने दिन रात मेहनत की थी, ताकि वह सोने पर दांव लगाकर अपने देश को गौरवान्वित कर सकें। टोक्यो ओलंपिक में तो वह पदक नहीं जीत सकीं, लेकिन पदक की चाहत को प्रियंका ने बर्मिंघम में पूरा कर दिखाया। प्रियंका के संघर्ष की कहानी दूसरे खिलाड़ियों को प्रेरित करने के लिए काफी है। 

वेस्ट यूपी की कुल पांच बेटियां बर्मिंघम में चल रही खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रही हैं, यह गर्व की बात है। इन्हीं में से एक हैं मुजफ्फरनगर की मूल निवासी प्रियंका गोस्वामी। बर्मिंघम में उन्हें पदक की मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा था। उनके परिवार दोस्त और रिश्तेदार उनकी जीत की कामना कर रहे थे। शनिवार को हुए 10 किलोमीटर के पैदल चाल के मुकाबले में उन्होंने रजत पदक प्राप्त किया।
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Tokyo Olympics 2020, टोक्यो ओलंपिक 2020, एथलीट प्रियंका गोस्वामी - फोटो : Amar Ujala Meerut
बैग की चाहत ने एथलीट प्रियंका गोस्वामी को बर्मिंघम तक पहुंचा दिया। 3 जनवरी 2011 को पहली ही प्रतियोगिता में मिले उपहार ने उनकी खेल में रुचि पैदा की। दरअसल, खेल विभाग प्रतियोगिता में जीतने वाले खिलाड़ियों को बैग उपहार में देता था, जिसके बाद प्रियंका के अंदर भी इस बैग को पाने की ललक जाग उठी। उन्होंने पैदल चाल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और प्रतियोगिता जीती। इसके बाद प्रियंका ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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एथलीट प्रियंका गोस्वामी के पिता - फोटो : अमर उजाला
दुनिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता में पैदल चाल में प्रियंका देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। यहां तक कि प्रियंका को आदर्श मानकर युवा खिलाड़ी एथलेटिक्स में अपना भविष्य बनाने में जुट गए हैं। मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में जिले में तीन सौ से ज्यादा खिलाड़ी सुबह-शाम मैदानों में पसीना बहा रहे हैं।

 

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एथलीट प्रियंका गोस्वामी - फोटो : Amar Ujala Meerut
मेरठ के माधवपुरम निवासी एथलीट प्रियंका गोस्वामी मूल रूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली हैं। आज उन पर पूरा शहर गर्व कर रहा है। वह देश के लिए पदक जीतने वाली खिलाड़ी बनी हैं। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में उन्होंने अभ्यास कर अपना सपना पूरा किया है।
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एथलीट प्रियंका गोस्वामी - फोटो : अमर उजाला
रेलवे में कार्यरत प्रियंका अभी तक 20 किमी. पैदल चाल में 3 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुकी हैं, जबकि 16 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 14 में पदक अपने नाम कर चुकी हैं। प्रियंका को आदर्श मानकर फूलबाग निवासी आशु, पांडवनगर निवासी रवि व अन्नू, रोहटा रोड निवासी ललिता पैदल चाल में अभ्यास कर रहीं हैं।
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एथलीट प्रियंका गोस्वामी - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडियो पर एक्टिव रहती हैं प्रियंका
बर्मिंघम में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से पहले प्रियंका गोस्वामी ने किट पहनकर सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड किए। वहीं प्रियंका के रजत पदक जीतने पर परिवार में खुशी का माहौल है वहीं प्रियंका को सोशल मीडिया पर भी लोग बधाइयां दे रहे हैं। यहीं नहीं उनके आवास पर उत्सव का माहौल है। प्रियंका की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें सोशल मीडिया पर जीत की बधाई दी है। 
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