ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कार हादसा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मई 2018 को ईपीई (ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे) का उद्घाटन किया। इसके बाद दिल्ली में यूपी, बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा आदि प्रांतों से आने वाले वाहनों का बोझ जरूर घटा, लेकिन एनएचएआई अधिकारी सड़क हादसों को रोकने में नाकाम रहे हैं। शुरुआत के वक्त ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिस्टम का दावा किया। एक्सप्रेस-वे पर वीएमएस, सीसीटीवी, वीआईडीएस, वार्निंग डिवाइस, ओवर स्पीड चेकिंग सिस्टम, वेट इन मोशन के अलावा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क की सुविधाएं देने का दावा कर एनएचएआई ने इसकी शुरुआत कराई। यह भी कहा कि कंट्रोल रूम में हर सूचना उपलब्ध रहेगी, लेकिन हकीकत इसके उलट है। ओवर स्पीड सिस्टम दम तोड़ चुका है। हादसे के बाद स्वास्थ्य सेवाओं का रेस्पांस टाइम भी बहुत अच्छा सामने नहीं आया है। एक्सप्रेस-वे की बगल में पेट्रोल पंप, मोटल्स, रेस्ट एरिया, वॉश रूम, रेस्टोरेंट, दुकानें और रिपेयर सर्विस का दावा किया, लेकिन अधिकांश सुविधाएं अधूरी हैं।