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तस्वीरें: एक पल में बिखर गए सपने, डॉक्टर बनना चाहते थे ये चार दोस्त, अब रह गया जिंदगी भर का गम

Wed, 22 May 2019 02:30 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कार हादसा, नीचे मृतकों व घायल आंचल का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बागपत में एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना के बाद चार परिवार एक झटके में बिखर गए। मृतक चारों छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहते थे, लेकिन कुदरत को कुछ ओर ही मंजूर था। घटना की सूचना पर मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचे। इस दौरान मृतकों के परिजन शवों को देख बिलखते रहे। अगली स्लाइडों में देखिए हादसे की तस्वीरें:-
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अस्पताल में भर्ती घायल आंचल - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के फरीदाबाद निवासी मृतक छात्रा करिश्मा के पिता नरेंद्र छाबड़ा मारुति कंपनी में कर्मचारी हैं। चाचा संजय छाबड़ा ने बताया कि करिश्मा के कोई भाई नहीं है। उसकी बड़ी बहन कनिका सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। करिश्मा हर रोज सुबह सात बजे अपने परिवार से बात करती थी, लेकिन मंगलवार को उसने किसी से बात नहीं की। मोर्चरी पर मृतक छात्रा करिश्मा की मां रजनी, उसके पिता नरेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कार हादसा - फोटो : अमर उजाला
रामपुर जनपद के केमरी गांव निवासी छात्रा मोहम्मद शोएब के पिता मोहम्मद साबिर का पेट्रोल पंप हैं। चाचा फईम अहमद ने बताया कि मृतक शोएब तीन भाई-बहन थे। वह सबसे बड़ा था।

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मृतक व घायलों के फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के सूरतगढ़ निवासी अभिषेक सोनी के पिता बिजनैस मैन है। चाचा गौरव सोनी ने बताया कि मृतक का छोटा भाई भी एमबीबीएस डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहा है। वह हमेशा कहता था कि डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करनी है।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
यूनिवर्सिटी में भी गम
शारदा यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज, नोएडा से आए प्रोफेसर डॉ. संजीव ने बताया कि चारों स्टूडेंट की मौत पर कॉलेज में गम का माहौल है। कॉलेज स्टाफ सड़क दुर्घटना से दुखी है। उन्होंने बताया कि चारों स्टूडेंट मेधावी थे। मोर्चरी से पोस्टमार्टम के लिए शारदा यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज, नोएडा की चार एंबुलेंस में छात्रों के शवों को परिजन घर लेकर चले गए।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
उम्मीदों के एक्सप्रेस-वे पर दम तोड़ रहीं जिंदगी 
उम्मीदों के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) की शुरुआत हुए एक साल बीतने को है, लेकिन जन सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिस्टम के दावे खोखले साबित हुए हैं। गलत पार्किंग और ओवर स्पीड की वजह से कई बार लोगों की जान जा चुकी है। एक्सप्रेस-वे पर जगह-जगह मोबाइल ढाबे संचालित कर दिए गए हैं, लेकिन पुलिस चुप्पी साधे हैं। वाहनों की पार्किंग भी बेतरतीब तरीके से की जा रही है, इस कारण हादसों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ गई है।
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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कार हादसा - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मई 2018 को ईपीई (ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे) का उद्घाटन किया। इसके बाद दिल्ली में यूपी, बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा आदि प्रांतों से आने वाले वाहनों का बोझ जरूर घटा, लेकिन एनएचएआई अधिकारी सड़क हादसों को रोकने में नाकाम रहे हैं। शुरुआत के वक्त ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिस्टम का दावा किया। एक्सप्रेस-वे पर वीएमएस, सीसीटीवी, वीआईडीएस, वार्निंग डिवाइस, ओवर स्पीड चेकिंग सिस्टम, वेट इन मोशन के अलावा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क की सुविधाएं देने का दावा कर एनएचएआई ने इसकी शुरुआत कराई। यह भी कहा कि कंट्रोल रूम में हर सूचना उपलब्ध रहेगी, लेकिन हकीकत इसके उलट है। ओवर स्पीड सिस्टम दम तोड़ चुका है। हादसे के बाद स्वास्थ्य सेवाओं का रेस्पांस टाइम भी बहुत अच्छा सामने नहीं आया है। एक्सप्रेस-वे की बगल में पेट्रोल पंप, मोटल्स, रेस्ट एरिया, वॉश रूम, रेस्टोरेंट, दुकानें और रिपेयर सर्विस का दावा किया, लेकिन अधिकांश सुविधाएं अधूरी हैं।

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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कार हादसा - फोटो : अमर उजाला
एक्सप्रेस-वे पर चल रहे मोबाइल ढाबे
एक्सप्रेस-वे पर अवैध तरीके से कुछ लोग जगह-जगह मोबाइल ढाबों का संचालन कर रहे हैं। दावा के बाद भी एक्सप्रेस वे पर चलने वालों को सरकार की तरफ से घोषित जन सुविधाएं अभी तक नहीं मिली है। एक्सप्रेस-वे पर गलत तरीके से वाहनों को पार्क कर लोगों को रोका जा रहा है। बड़े वाहन भी यहां गलत तरीके से रोके जा रहे हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।

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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कार हादसा - फोटो : अमर उजाला
ऑटो चालान का दावा भी हवा हवाई
ईस्टर्न पेरिफेरल निर्माण में करीब 4617.87 करोड़ रुपये खर्च हुए। जबकि एक्सप्रेस-वे निर्माण में कार्य में करीब 9375 वर्करों ने योगदान दिया है। उद्घाटन समारोह में अफसरों ने एक्सप्रेस-वे पर ओवर स्पीड वाहन चलाने पर ऑटो चालान कटने की बात कही गई। वाहन चालक जैसे ही एक्सप्रेस-वे से एग्जिट करेगा, तभी चालान का शुल्क अदा करना होगा। लेकिन यह सुविधा नहीं मिली है।

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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कार हादसा - फोटो : अमर उजाला
मौत को दावत दे रहा है आसान सफर
दिल्ली में वाहनों का बोझ कम करने के लिए बनाए गए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे अब मौत को दावत दे रहा है। एनएचएआई ने इसे पूरी तरह एक्सिस कंट्रोल एक्सप्रेस-वे बताया था। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जाने के लिए लोगों को दिल्ली में एंट्री करने की जरूरत नहीं रही, लेकिन हादसों की वजह से अब लोग इस एक्सप्रेस-वे पर गुजरने से डरने लगे हैं।

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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कार हादसा - फोटो : अमर उजाला
एक्सप्रेस-वे पर खड़े होने वाले वाहनों से हो रहे हादसे
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर सड़क किनारे खड़े होने वाले ट्रक हादसों का कारण बन रहे हैं। तेज रफ्तार वाहन चालकों को ट्रक खड़ा है या चल रहा है, इसका पता नहीं चल पाता है। जब तक वे कुछ समझ पाते हैं, तब तक वाहन आपस में टकरा जाते हैं। जबकि एक्सप्रेस-वे पर वाहन खड़ा करने की अनुमति तक नहीं है।
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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कार हादसा - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार एक्सप्रेस-वे पर बागपत क्षेत्र में ही 30 से अधिक लोगों को मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हो चुके हैं। सूत्रों के अनुसार प्रति दिन एक्सप्रेस वे पर सड़क हादसे हो रहे हैं। इसके बाद भी संबंधित अधिकारी सचेत होने की जरूरत नहीं समझ पा रहे हैं।

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