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नागरिकता कानून: पीएफआई फंडिंग मामले में जल्द खुलेंगे बड़े राज, आठ लोगों को रिमांड पर लेने की तैयारी

Sat, 01 Feb 2020 03:02 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Meerut Violence, car - फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संसोधन कानून (सीएए) के विरोध में हिंसा कराने के लिए पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने मेरठ सहित कई जिलों में फंडिंग की थी। परतें खुलने के बाद मेरठ पुलिस ने पीएफआई से जुड़े आठ लोगों को रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू कर दी।

पुलिस ने बैंकों से भी संदिग्ध खातों की जानकारी मांगी है वहीं कई लोगों को चिन्हित कर उनके मोबाइल की सीडीआर निकालनी शुरू कर दी है। आगे देखें आखिर कैसे हिंसा के लिए बाहर से भी युवकों को बुलाया गया था: -
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Meerut Violence, bike - फोटो : अमर उजाला
20 दिसंबर 2019 को देश भर में हिंसा कराने के लिए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने लोगों को पहले से मानसिक रूप से तैयार किया था। पुलिस के मुताबिक मेरठ में 12 लोगों के अकाउंटों में पीएफआई ने पैसा डाला था, जिसमें से चार अकाउंटों में तीन करोड़ रुपये आने की बात कहीं गई। इसको लेकर पुलिस ने बैंकों को नोटिस भेजकर संदिग्ध अकाउंटों की जानकारी मांगी है।  
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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
मेरठ पुलिस ने पीएफआई से जुडे़ चार लोग मुईद, नूर हसन, जावेद और अमजद को जेल भेजा था। पुलिस जांच में चार और आरोपी अनस, अनीस उर्फ खलीफा, मौलाना राशिद और जुबैर का नाम सामने आया। इनको भी पुलिस जेल भेज चुकी है। अब पुलिस इन आठ आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गई है। उनसे पूछताछ के बाद ही यह राज खुलेगा कि पैसा किस किस को दिया गया।

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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
मोबाइल की सीडीआर निकाली 
पुलिस हिंसा में कई लोगों को चिंह्नित कर सकती है, इसकी जानकारी उनको थी। इसको लेकर कई जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार लोगों ने अपने फोन बंद कर लिये थे। पुलिस ने अब उन लोगों के मोबाइल की सीडीआर निकालनी शुरू कर दी।
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divider on road - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली से आए थे 20 युवक 
पुलिस की जांच में सामने आया कि हिंसा करने के लिये दिल्ली से 20 युवकों को लिसाड़ीगेट में भेजा गया था। पुलिस पर पथराव व गोलियां चलाकर उक्त युवक मेरठ से फरार हो गए थे।
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divider on road - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के बाद बिजनौर में भी फंडिंग होने की खुली पोल 
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में बवाल कराने के लिए पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) ने बिजनौर में भी पैसा भेजा था। चांदपुर निवासी व्यक्ति के खाते में मोटी रकम आने की पुलिस की जांच में पुष्टि हुई है। पुलिस ने 15 संदिग्ध खातों को खंगाला है, जिनकी जांच चल रही है। कई लोगों को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठा भी रखा है।
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nrc protest - फोटो : अमर उजाला
20 दिसंबर 2019 को सीएए के विरोध में जिले में जमकर बवाल हुआ था। 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए थे और 146 लोगों को गिरफ्तार किया गया। एसपी संजीव त्यागी ने बताया कि करीब 15 खाते खंगाले गए हैं। इनमें कई खाते संदिग्ध मिले हैं। अभी केवल एक खाते में बाहर से रकम आने की जानकारी है।
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