मौके पर जांच करती पुलिस
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भैया... मेरी बात सुन लो
फिरोज ने बहन को गोली मारने से पहले गाली गलौज की। वह चिल्ला रहा था कि बदनामी करा दी। भाई के हाथ में तमंचा देखकर फिरदौस बोली कि भाई ऐसा मत करो... पूरी बात सुन लो। जिस कासिम की बात कर रहो हो, वह ठीक इंसान नहीं है। उसने फोटो एडिट किए हैं। उससे मेरा कोई लेनादेना नहीं है। जिससे शादी हो रही है, वह उसके साथ खुश रहेगी। वह गिड़गिड़ाती रही, लेकिन फिरोज नहीं माना।
घर में खून ही खून
हत्या के बाद घर में खून ही खून था। यह देखकर लोग सकते में थे। हत्यारोपी भाई खड़ा रहा, लेकिन उसको पकड़ने का कोई साहस नहीं जुटा पाया। फिरोज ने कहा कि वह भाग नहीं रहा और न उसने कोई गलत काम किया। बहन बदनामी करा रही थी, इज्जत के खातिर उसको मार डाला।
टीपीनगर और कंकरखेड़ा की घटना याद दिलाई
टीपीनगर में छह माह पहले शादी से दो दिन पहले सिरफिरे आशिक ने युवती की गोली मारकर हत्या की थी। विरोध करने पर आरोपी ने युवती के पिता को भी मार दिया था। इसी तरह कंकरखेड़ा में भी सालभर पहले शादी से पहले युवती की हत्या हुई थी। लिसाड़ीगेट में हुई वारदात ने इन घटना की याद दिला दी।