विस्फोट के बाद (फाइल फोटो)
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कबाड़ी की दुकान से चंद कदमों की दूरी पर मकान मालिक नवाजिश टूटी कुर्सी पर पड़ा था, जिसका एक हाथ पूरी तरह से उड़ चुका था और पूरा शरीर जख्मी था। उससे कुछ दूरी पर कबाड़ी की लाश के दूसरी तरफ लहूलुहान ताजिम निवासी, इंदिरा कॉलोनी पड़ा था, जिसकी चार दुकानें छोड़कर वेल्डिंग की दुकान थी। इनके अलावा राहगीरों में इमरान कॉलोनी निवासी कौसरजहां, हाजीपुरा निवासी यूसुफ, शोएब निवासी जनकपुरी सड़क पर घायलावस्था में पड़े कराह रहे थे।