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महापंचायत: किसानों ने कब्जाई अफसरों की चौखट... खूब की गई आतिशबाजी, मूकदर्शक बनी रही पुलिस, देखें तस्वीरें

Thu, 16 Mar 2023 01:48 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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महापंचायत। - फोटो : अमर उजाला
पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की चौखट पर किसानों की महापंचायत के दौरान 12 घंटे कब्जा रहा और खूब आतिशबाजी की गई। एसएसपी आवास के सामने मंगलवार की रात 12 बजे ही मंच लगा दिया गया था। बुधवार सुबह पांच बजे से दूर-दराज से किसान आने लगे और एसपी देहात आवास के दरवाजे पर दिनभर किसानों के कपड़े सूखते रहे। शाम पांच बजे किसानों की पंचायत खत्म होने पर ही अधिकारी अपने आवासों में पहुंच पाए।

मेरठ में बुधवार को भाकियू (अराजनैतिक) की कमिश्नरी चौक पर महापंचायत हुई। किसानों ने कमिश्नर पार्क व मेरठ कॉलेज से लेकर एसएसपी आवास के पास कुटी चौराहे तक टेंट लगा दिए। एसएसपी आवास, एडीएम, एसपी देहात के आवास पर बुधवार सुबह से कब्जा कर लिया। किसानों के कपड़े अधिकारियों के आवासों के गेट पर सूखते रहे। पुलिस की मौजूदगी में अधिकारियों के आवास पर खूब आतिशबाजी भी की गई। पुलिस ने किसानों को समझाया, इसके बावजूद वह नहीं मानें। महापंचायत में किसानों की सारी व्यवस्था पुलिस ने संभाली।
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किसानों की महापंचायत, भाकिय अराजनैतिक - फोटो : अमर उजाला
आतिशबाजी होती रही, मूकदर्शक बनी रही पुलिस
पुलिस व प्रशासन अधिकारियों आवासों के सामने किसान आतिशबाजी करते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनकर देखती रही। महापंचायत में पुलिस की कोई सख्ती नहीं दिखाई दी। महापंचायत में सिर्फ 20 ट्रैक्टरों से ही किसान आए है। अधिकांश किसान बस और ट्रेन से महापंचायत में पहुंचे। किसानों की बस को रोकने के लिए पुलिस लाइन के सामने सारी व्यवस्था बनाई थी। दलाल किसान नेताओं के खिलाफ किसानों ने नारेबाजी की।
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किसान - फोटो : अमर उजाला
स्टेशन पर उमड़ी भीड़, खचाखच भरी नौचंदी
किसान महापंचायत खत्म होने के बाद सिटी स्टेशन पर किसानों का सैलाब उमड़ा। यह देख स्थानीय रेलवे अधिकारी ने टिकट के तीनों काउंटर चालू करा दिए। जीआरपी ने सरकुलेटिंग एरिया और स्टेशन पर सुरक्षा कड़ी कर दी। जैसे ही स्टेशन पर नौचंदी एक्सप्रेस पहुंची अधिकांश किसान सवार हो गए। रेलवे अधिकारियों का अनुमान है कि नौचंदी में करीब दो हजार किसान सवार हुए।

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किसान - फोटो : अमर उजाला
हापुड़ के 14 हजार किसान परेशान
किसान नेता ने बताया कि हापुड़ में 600 करोड़ रुपये का घोटाला 19 साल पहले हुआ था। किसानों के जमा बिजली बिल की फर्जी रसीद थमा दी गई थी। इसकी जांच हुई। परिणाम ढाक के तीन पात रहा। आज तक किसानों के पास 20-20 लाख रुपये का बिल बकाया आ रहा है। 14 हजार किसान परेशान हैं। कोई समाधान नहीं हो रहा है।
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किसान - फोटो : अमर उजाला
चुड़ियाला के लिए रास्ता मिलना चाहिए
किसानों ने मोहिउद्दीनपुर और परतापुर के बीच चुड़ियाला जाने के लिए रास्ते की मांग की। किसानों ने कहा कि यदि रास्ता नहीं मिला तो भोजपुर की तरह कड़ा कदम उठाना पड़ेगा।
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ठा. राजेश सिंह चौहान। - फोटो : अमर उजाला
पता चल जाएगा कौन छोटा-कौन बड़ा
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा हमने दो माह पहले मेरठ में महापंचायत की घोषणा की थी, जिसकी वजह से राकेश टिकैत ने कुछ समय पहले कर ली। मेरा कहना है कि वह एक साथ महापंचायत रखें। साफ हो जाएगा कि कौन छोटा और कौन बड़ा है। वह किसान राजनीति को धंधा बनाकर अपने घर चला रहे हैं।
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मेरठ में महापंचायत। - फोटो : अमर उजाला
पंचायत का स्तर गिरा, अब नहीं आते अफसर
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि महापंचायत का स्तर गिरता जा रहा है। यही वजह है कि अब अफसर नहीं आते। महेंद्र सिंह टिकैत जब महापंचायत करते थे, तब डीएम व एसएसपी बात करने के लिए इंतजार करते थे। वजह भी थी, वह सिर्फ किसानों की बात करते थे। अब कुछ लोग राजनीति की बात करते हैं।

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मेरठ में महापंचायत। - फोटो : अमर उजाला
महापंचायत के बाद यातायात व्यवस्था धड़ाम
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की महापंचायत खत्म होने के बाद पूरा शहर जाम हो गया। यातायात व्यवस्था बनाने में ट्रैफिक और थाना पुलिस के पसीने छूट गए। चौधरी चरण सिंह पार्क के आसपास के मार्गों पर दिनभर जाम के हालात बने रहे। मेरठ कॉलेज में परीक्षा देने आए छात्रों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।

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महापंचायत। - फोटो : अमर उजाला
चौधरी चरण सिंह पार्क में बुधवार को भाकियू (अराजनैतिक) की महापंचायत हुई। सुबह से किसान पहुंचने लगे। यह सिलसिला दोपहर 2:30 बजे तक चला। किसानों के वाहनों से चौधरी चरण सिंह पार्क के आसपास के मार्गों पर जाम लग गया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने विक्टोरिया पार्क में किसानों के वाहनों को खड़ा कराना शुरू किया। करीब पांच बजे महापंचायत खत्म होने पर किसानों का रेला एक साथ अपने-अपने गंतव्य को निकला। इससे पूरा शहर जाम हो गया। हापुड़ अड्डा चौराहा, जीरो माइल चौराहा, कमिश्नरी आवास चौराहा, गांधी आश्रम चौराहा, तेजगढ़ी चौराहा, बेगमपुल और घंटाघर चौराहे पर घंटों जाम लगा रहा।

हालात बिगड़ते देख यातायात पुलिस ने सभी आईटीएमएस चौराहों फ्री करा दिए। इसके बाद यातायात पुलिस के साथ थाना पुलिस ने यातायात व्यवस्था बनाने के लिए जगह-जगह मोर्चा संभाला। घंटों मशक्कत के बाद यातायात पटरी पर आ सका।
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मेरठ कॉलेज। - फोटो : amar ujala
खुफिया विभाग रहा अलर्ट
महापंचायत को लेकर पुलिस प्रशासन के साथ-साथ खुफिया विभाग भी अलर्ट रहा। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने महापंचायत की सुरक्षा में एक कंपनी पीएसी, चार सीओ, 10 थानेदार और 250 पुलिसकर्मी लगाए थे। सभी सीओ चौधरी चरण सिंह पार्क के अलावा आसपास भी सुरक्षा का जायजा ले रहे थे।

मेरठ कॉलेज के मुख्य गेट रहे बंद
महापंचायत में आए किसानों ने कुटिया से लेकर कचहरी नाले तक सड़क पर कब्जा कर रखा था। मेरठ कॉलेज के मुख्य गेटों पर किसानों ने टेंट लगा रखे थे। इस कारण गेट बंद करने पड़े। छात्रों को परेशानी से बचाने के लिए कॉलेज प्रबंधन ने बीएनएम हॉस्टल की ओर का गेट खोल दिया। दोपहर की पाली में परीक्षा देने आए छात्र कॉलेज के इधर-उधर भटकते रहे। कॉलेज प्रबंधन के निर्देश पर तैनात पुलिसकर्मियों ने छात्रों को बीएनएम हॉस्टल की ओर से जाने को कहा।
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