अजय पाठक की मंडली का सबसे खास शिष्य था हिमांशु। एक तरह से वो अजय का पीए था। भजन गायक अजय उस पर भरोसा कर हर काम उसे सौंप देते थे। घर के सदस्यों के साथ घुल मिलकर रहता था। बच्चों के साथ खेलता, मस्ती करता लेकिन कौन जानता था कि जिस पर परिवार इतना विश्वास जताता है। वहीं उनके साथ विश्वासघात कर उनके हंसते खेलते परिवार को खत्म कर डालेगा।
यहां तक कि आरोपी की मां को भी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा कि उनके बेटे से उन्हें पूरे समाज के सामने शर्मिंदा कर दिया। आगे जानें हत्यारोपी से जुड़ी कुछ और बातें -