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बागपत: सिनौली में कंकाल सहित चार पैरों वाला ताबूत मिला, चौथे चरण के उत्खनन के लिए सर्वे शुरू

Thu, 02 May 2019 05:55 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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सिनौली उत्खनन - फोटो : अमर उजाला
बागपत के सिनौली में तीसरे चरण के उत्खनन का कार्य पूरा हो गया है। उत्खनन केंद्र से आखिर में खुदाई के दौरान कंकाल समेत चार पैर वाले ताबूत का खुलासा किया है। पुरातत्व संस्थान के निदेशक एसके मंजुल ने बताया कि हमें खुदाई के दौरान रथ हेलमेट, ढाल व तलवारें भी प्राप्त हुई हैं। तीसरे चरण का उत्खनन इसी साल जनवरी माह में शुरू किया गया था। 

 
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सिनौली उत्खनन
पिछले 13 साल में सिनौली में तीसरी बार उत्खनन का कार्य किया गया। वहीं चौथे चरण के उत्खनन के लिए भी क्षेत्र में सर्वे शुरू किया जा चुका है। लंदन की दरहम यूनिवर्सिटी की टीम एएसआई के साथ मिलकर सर्वे कर रही है जो दो दिन तक चलेगा। तीन सदस्यों की इस टीम में डंकन, एडम और मार्कये शामिल हैं। 

 
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सिनौली उत्खनन - फोटो : अमर उजाला
टीम ने सर्वे के दौरान कई स्थानों को चिन्हित भी किया है। सिनौली उत्खनन स्थल से प्रतिदिन कुछ न कुछ आश्चर्यजनक पुरावशेष प्राप्त हो रहे हैं। इसी के मद्देनजर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पुराविद अत्याधुनिक विधियों से सिनौली में चतुर्थ चरण की खोदाई के लिए चारों ओर का सर्वेक्षण कर कर रहे हैं।

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सिनौली उत्खनन - फोटो : अमर उजाला
तीसरे चरण के उत्खनन में महिला का कंकाल, आभूषण, शाही ताबूत, तलवार, प्राचीन दीवार मिल चुकी है। दूसरे चरण की खुदाई में यहां पर रथ निकला।
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सिनौली उत्खनन - फोटो : अमर उजाला
आम और खास हिस्सों में बंटा कब्रगाह
बड़ौत। तीन चरणों की खुदाई से स्पष्ट हो चुका है कि यहां पर विशाल कब्रगाह आम और खास हिस्सों में बंटा हुआ है। पहले चरण में आम लोगों के कंकाल मिले थे, जबकि दूसरे और तीसरे चरण में शाही लोगों के कंकाल, रथ, तलवार मिल चुके हैं।
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सिनौली उत्खनन
साल 2006 में पहले चरण की खुदाई में मानव कंकाल, सोने के आभूषण, मृदभांड मिलने के बाद सिनौली सुर्खियों में आया था। तब खोदाई में 18 कब्रें मिलीं, इनमें कंकाल भी थे। हालांकि यह अभी साफ नहीं हो पाया है कि ये किस काल के हैं लेकिन यह तय है कि यहां किसी समय में विशाल सभ्यता विकसित थी।
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सिनौली गांव में उत्खनन, - फोटो : अमर उजाला
पुरातत्व विभाग ने यहां मिले कंकाल के काल क्रम का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन 13 साल बाद भी अभी तक जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। दूसरे और तीसरे चरण में भी कंकाल मिल रहे हैं। बागपत ही बात करें तो हिंडन नदी के किनारे गुप्त कालीन, कुषाण कालीन और मुगल कालीन सभ्यता के अवशेष मिल चुके हैं।
 
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सिनौली उत्खनन
चंदायन और बरनावा में उत्खनन से यह साबित हुआ है कि यहां अलग-अलग संस्कृतियों का दौर गुजरा है। इसी तरह यमुना किनारे पर भी संकेत मिल रहे हैं, लेकिन इनकी खोज अभी अधूरी है। पश्चिम यूपी में गंगा, यमुना, हिंडन नदियों के किनारों पर भी सभ्यता आबाद थी। हिंडन किनारे बरनावा क्षेत्र में इसके प्रमाण भी मिले हैं। यमुना के नजदीक बसे सिनौली में मिले अवशेष प्राचीन संस्कृति की ओर इशारा कर रहे हैं, इन पर अभी शोध होना है।

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