बागपत के बड़ौत में गांधी मार्ग पर निर्वाण महोत्सव में मंगलवार सुबह भगवान आदिनाथ को मोक्ष कल्याणक लड्डू चढ़ाते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ चढ़ने से मचान टूट गया। वहां नीचे गिरने व दबने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 15 पुलिस कर्मियों समेत 70 से ज्यादा घायल हो गए।
बागपत में भगवान आदिनाथ के निर्वाण महोत्सव में मचान गिरने से हुए हादसे में किसी ने अचानक कूदकर जान बचाई तो कोई नीचे दबकर कराहते हुए मदद के लिए चिल्लाता रहा। आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां आए और तत्परता दिखाते हुए घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया। निर्वाण समारोह में वंश जैन समेत अन्य श्रद्धालु पूजन संघ में शामिल थे, जो सुबह से ही मचान के ऊपर बैठे हुए थे। वंश ने बताया कि मचान गिरने लगी तो माहौल समझने में देरी नहीं की। वह तुरंत मचान से नीचे कूद गया। इससे पैरों में थोड़ी चोट लगी, लेकिन मचान से गिरने से बच गया।
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इसके अलावा निर्वाण महोत्सव के पुजारी वंशराज जैन ने बताया कि मचान जब गिरने लगी तो कुछ समझ नहीं आया, जब तक संभल पाते, जब तक मचान गिर चुका था और वह मचान से गिरकर नीचे दबने से घायल हो गए। सहायता के लिए आए लोगों ने मचान के नीचे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
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चश्मदीद सौरभ जैन
- फोटो : अमर उजाला
पहले खुद उठा सौरभ, फिर दूसरों को अस्पताल पहुंचाया
हादसे के वक्त मचान से सौरभ जैन भी गिर गया, जो पहले खुद उठा और फिर मचान के नीचे दबे घायलों को निकालने में जुट गया। सौरभ जैन ने काफी घायलों को निकालकर पहले एक तरफ बैठाया और फिर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
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हादसे में अपनों को खोने वाले गमजदा परिजन
- फोटो : अमर उजाला
हमारे सामने गिरा मचान, हम चिल्लाते रह गए
बड़ौत के रहने वाले वकीलचंद जैन और अमित जैन ने बताया कि निर्वाण महोत्सव में जिस समय हादसा हुआ, वह भी परिसर में ही मौजूद थे। मचान पर एक तरफ भीड़ अधिक होने के कारण थोड़ा झुकाव होने लगा, इस पर नीचे खड़े लोग चिल्लाकर उन्हें पीछे हटने के लिए कहने लगे, तभी मचान गिर गया।
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मानस्तंभ परिसर में हादसा
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस कर्मी भी पलक झपकते ही दबे, संभलने का मौका तक नहीं मिला
हादसे में घायल महिला एसआई और कांस्टेबल ने बताया कि मानस्तंभ परिसर में पलक झपकते ही ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी भी मचान की लकड़ियों के नीचे दब गए। इस हादसे में महिला एसआई और कांस्टेबलों समेत 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनका निजी अस्पतालों में उपचार कराया गया। हम तो मचान के नीचे ड्यूटी पर खड़े थे, तभी मचान गिरने लगा और वहां शोर मच गया। आसपास खड़े लोगों ने भागकर जान बचाई, लेकिन जब तक कुछ समझ पाते, मचान के चढ़े हुए श्रद्धालु भी नीचे गिरे गए और उनकी टीम भी मचाने के नीचे दब गई।
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घायलों को रिक्शा से अस्पताल ले जाते हुए
- फोटो : अमर उजाला
घायल महिला एसआई नीतू सिंह, नीरज सिंह, महिला कांस्टेबल कुसुम, रोबिन रानी, पिंकी, सोम्या, बिरजू समेत 15 पुलिसकर्मियों का निजी अस्पताल में उपचार कराया गया। गमीनत रही कि आसपास खड़े पुलिसकर्मियों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई, नहीं तो वे भी चपेट में आ जाते।
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ई-रिक्शा से घायलों को अस्पताल ले जाते हुए
- फोटो : अमर उजाला
हमें नहीं था अंदेशा, ऐसा हो सकता है
घायल महिला पुलिसकर्मी रोबिन रानी ने बताया कि निर्वाण महोत्सव में व्यवस्था संभालने के लिए हमारी ड्यूटी लगाई गई थी। इसके लिए कुछ पुलिसकर्मी मचान के ऊपर तो कुछ मचान के नीचे खड़े थे। वहां पर ड्यूटी के दौरान ऐसी घटना का अंदेशा भी नहीं था। अचानक हुई घटना से किसी को भी बचने का मौका नहीं मिला, जो जहां खड़ा था, वहीं पर खड़ा रह गया।
बागपत में निर्वाण महोत्सव में मचान गिरने से सात श्रद्धालुओं की मौत, 70 घायल
बड़ौत में गांधी मार्ग पर निर्वाण महोत्सव में मंगलवार सुबह भगवान आदिनाथ को मोक्ष कल्याणक लड्डू चढ़ाते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ चढ़ने से मचान टूट गया। वहां नीचे गिरने व दबने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 15 पुलिस कर्मियों समेत 70 से ज्यादा घायल हो गए। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।