फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिसके पिता की मौत पर हुआ बखेड़ा, पुलिस ने उसी को घसीटकर पीटा, फिर बोली- अरे बताना तो चाहिए था

Sun, 23 Feb 2020 03:06 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 5
lathi charge, up police - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में यह पहला मामला नहीं जब खरखौदा इंस्पेक्टर मनीष बिष्ट पर दबंगई के आरोप लगे हैं। इससे पहले भी इंस्पेक्टर और थाना पुलिस पर पीड़ितों को धमकाकर हवालात में बंद करने और महिलाओं से अभद्रता के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन अफसर बचाव में ही रहे।
विज्ञापन

2 of 5
lathi charge, up police - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। पुलिस कहती रही कि जयप्रकाश की हत्या डकैती में नहीं, बल्कि रंजिश में की गई होगी। पुलिस ने छह घंटे तक मुकदमा दर्ज नहीं किया और पीड़ित सतेंद्र से ही तरह तरह केे सवाल-जवाब करती रही। सतेंद्र का आरोप है कि खरखौदा इंस्पेक्टर ने तहरीर को बदलवा लिया। पीड़ित ने कहा कि मुझसे जबरन साइन कराए गए। जिसके बाद एक दरोगा और प्रधान से इंस्पेक्टर बंद कमरे में बात करते रहे।
विज्ञापन

3 of 5
lathicharge - फोटो : अमर उजाला
दोपहर एक बजे जब सतेंद्र को एफआईआर की कॉपी मिली तो उसने डकैती की धारा न लगाने का विरोध किया। आरोप है कि थाने के बाहर से पीड़ित सत्येंद्र को पहले लाठियों से पीटा गया, उसके बाद पुलिस घसीटकर सड़क से हवालात तक ले गई। बाद में पुलिस ने पहचाने जाने पर सतेंद्र को छोड़ा और कहा कि तुम्हें बताना तो चाहिए था।

4 of 5
lathi charge, up police - फोटो : अमर उजाला
परिवार में गम और गुस्सा
बुजुर्ग जयप्रकाश त्यागी के दो बेटे सर्वेश त्यागी व सतेंद्र त्यागी हैं। सर्वेश चीन में जॉब करते हैं और परिवार के साथ वहां पर ही शिफ्ट हो गए। सतेंद्र गांव में परिवार के साथ रहते हैं। पूरा परिवार एक साथ रहे, इसको लेकर वह बड़ा घर बना रहे थे। जयप्रकाश त्यागी की हत्या से परिवार में कोहराम मचा है। परिवार के लोगोें में गम और गुस्सा है। उनका कहना कि पुलिस ने लाठीचार्ज कर उनका उत्पीड़न किया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
sp dehat avinash pandey - फोटो : अमर उजाला
सुर्खियों में रहा खरखौदा
27 अगस्त 2018 को किशोरी ने मनचलों से परेशान होकर जान दे दी। कार्रवाई के लिए पीड़ित पक्ष को थाने पर धरना देना पड़ा। 2018 में ही लड़की के अपहरण के केस में पुलिस ने पीड़ित पक्ष को न्याय मांगने पर थाने में लाठियों से पीटा। 25 सितंबर 2019 को फौजी के बेटे मुकुल की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। एक माह पहले बदमाशों ने फफूं डा में डकैती डाली। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें