sobhapur
अस्पताल में मौत की पुष्टि होते ही आशीष के शव को परिजन दोपहर करीब 12:45 बजे रोहटा रोड स्थित राणा फार्म हाउस के पास अपने घर पर ले आए थे। आशीष की हत्या का पता चलते ही लोगों में आक्रोश फैल गया। गांव में चारों तरफ तरह-तरह का शोर मचने लगा। नारेबाजी और तीखे शब्दों से हो रहे एलान से जातीय तनाव व्याप्त हो गया। माहौल बिगड़ने के अंदेशे से ही पुलिस के हाथ पैर फूल गए। पुलिस आशीष का शव पोस्टमार्टम हाउस भेजने की जल्दबाजी करने लगी, जिससे माहौल और गर्मा गया। पीड़ित परिवार ने कह दिया कि शव तब उठेगा, जब हत्यारोपी पकड़े जाएंगे। पुलिस को आशीष का शव उठाने के लिए छह घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी।