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अरे ये क्या? सेना के विमान को कंधों पर ले जाते लोग, यकीन नहीं तो देखें तस्वीरें

Fri, 05 Oct 2018 09:15 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
यूपी के बागपत जिले में जिस जगह हादसा हुआ वह मुख्य मार्ग से करीब 150 मीटर दूर है। ऐसे में एयरफोर्स के ट्रक तक विमान को ले जाने में मदद के लिए युवा आगे आए। अधिकारियों के निर्देशन पर युवाओं ने कंधों पर उठाकर विमान को पहले सीधा किया और फिर उसके पहियों के सहारे खींचते हुए मुख्य मार्ग तक ले गए। इस बीच बजरंग बली और भारत माता की जय के नारे भी लगाए गए। आगे देखिए कुछ खास तस्वीरें:-
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
करीब सात घंटे शुरूआती जांच चली। एयरफोर्स का ट्रक मुख्य मार्ग पर पहुंचा। खेत से माइक्रोलाइट विमान को मुख्य मार्ग तक ले जाने के लिए पुलिस और एयरफोर्स के जवानों ने ग्रामीणों की मदद ली। माइक के माध्यम से एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव, सीओ बड़ौत रामानंद कुशवाहा ने युवाओं को बुलाकर विमान निकालने के लिए मदद मांगी।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद युवाओं ने पेड़ के नीचे धंसे विमान को पहले सीधा किया और फिर भारत माता की जय और बजरंग बली के जयकारों के साथ इसे खींचते हुए करीब सौ मीटर दूर मुख्य मार्ग पर ले गए। यहां पर सेना के ट्रक में लादने में भी मदद की।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
इस बीच मोबाइल के जरिए वीडियो और फोटोग्राफी की गई। विमान में सवार होने और फोटो खिंचवाने के लिए भी युवाओं की भीड़ रही। माइक्रोलाइट को एयरफोर्स में गरुड़ नाम दिया गया था।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
समय सुबह करीब सवा नौ बजे। रंछाड़, जिवाना गुलियान और सिरसली गांव के किसान अपने खेतों में व्यस्त थे। एकाएक रंछाड़ गांव के ऊपर विमान डांवाडोल होते दिखा। विमान ने चक्कर लिया और जिवाना गुलियान गेट की तरफ मुड़ गया। किसान गड़बड़ी भांपकर खेतों से बाहर निकले। तब तक विमान का पैराशूट खुल चुका था। देखते ही देखते विमान जमीन की तरफ तेजी से आने लगा। कुछ ही ऊपर रहने पर पायलट खेतों में कूद गए और विमान धमाके के साथ खेत में धंस गया। विमान अगर आबादी के ऊपर गिरता तो हादसा हो सकता था।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
रंछाड़ के किसान ओमप्रकाश बताते हैं कि जिस समय हादसा हुआ वह खेतों में कार्य कर रहे थे। विमान ने गांव का चक्कर लिया और जब उसका पैराशूट खोला गया तो उन्हें गड़बड़ लगी थी। कुछ ही मिनट बाद यह जमीन की तरफ बढ़ने लगा। अगर विमान पेड़ से नहीं टकराता तो यह सुरक्षित खेत में उतर सकता था। ऐसा लग रहा था, जैसे पायलट ईंख के खेत की बराबर में खाली पड़े खेत की तरफ इस विमान को ले जाने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन यह हादसा हो गया।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
किसान रवि तोमर का कहना है कि खेत में उन्हें धमाके की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचे तो विमान जमीन में धंसा हुआ था और पायलट उसके पास पहुंच गए थे। पांच मिनट बाद ही दूसरा टू सीटर विमान पहुंचा और एक पायलट को लेकर चला गया। धमाके की आवाज जिसने भी सुनी वह मौके की और दौड़ा। विमान अगर आबादी के ऊपर गिरता तो हादसा हो सकता था। जिस खेत में विमान गिरा, उसमें कोई भी किसान नहीं था।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पायलट बोले, सब ठीक है सब विमान से पीछे रहना
किसानों के मुताबिक जब वह मौके पर पहुंचे तो पायलट से जानकारी लेने का प्रयास किया गया। पायलटों ने कहा कि सब ठीक है। बस वे विमान से पीछे रहकर सेना की मदद करें। इस बीच पुलिस मौके पर पहुंच चुकी थी।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आग की तरह फैली सूचना, पहुंच गए छह गांव के लोग
विमान रंछाड़ गांव के जंगल में जिवाना गेट के नजदीक क्रैश हुआ। जैसे ही विमान गिरा, इसके कुछ ही देर में यह सूचना आग की तरह लोगों के बीच फैल गई। सोशल मीडिया पर सूचना वायरल हुई तो आसपास के करीब छह गांव के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। खेतों में काम कर रही महिलाओं के अलावा बच्चे भी मौके पर पहुंचे और एयरक्रॉफ्ट को देखा। मोबाइल के जरिये लोगों ने वीडियो बनाई और फोटो शेयर किए।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आगे देखिए कुछ और तस्वीरें...

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