फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंकित हत्याकांड में नया खुलासा: शामली के युवक भी कर रहे थे गायक की रेकी, GPS खरीदने से कार में लगाने की कहानी

Thu, 03 Sep 2026 03:01 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

शामली में हुए अंकित हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। शामली के युवक भी गायक अंकित बालियान की रेकी कर रहे थे। शूटर जीपीएस लगाने के बाद उसे चालू नहीं कर पाए थे। बाद में पुलिस ने जीपीएस बरामद कर लिया था। अब पुलिस जीपीएस की खरीद से लेकर कार में लगाने तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
विज्ञापन
1 of 14
ankit baliyan murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
शामली में गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस को पता चला है कि हरियाणा के शार्प शूटरों के अलावा शामली के युवक भी अंकित की रेकी में शामिल थे। पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

इनसे पूछताछ में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया है कि हत्याकांड से पहले शामली के कुछ युवक जिम के आसपास घूम रहे थे। पुलिस उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है। इसके अलावा, अंकित की कार में जीपीएस लगाने वाले गाजियाबाद के दुकानदार को भी हिरासत में लिया गया है।
विज्ञापन

2 of 14
यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के बाद जिम में जानकारी लेते एसपी व एएसपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्यों ने दुकानदार से ही जीपीएस खरीदा था। पुलिस के अनुसार, शूटर जीपीएस लगाने के बाद उसे चालू नहीं कर पाए थे। बाद में पुलिस ने जीपीएस बरामद कर लिया था। अब पुलिस जीपीएस की खरीद से लेकर कार में लगाने तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
 
विज्ञापन

3 of 14
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोगी गैंग के निशाने पर थे हरियाणवी गायक
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, जांच में सामने आया है कि गोगी गैंग हरियाणवी गायकों को निशाना बना रहा था। 17 अक्तूबर 2017 को हरियाणवी गायिका हर्षिता दहिया की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी गogi गैंग का नाम सामने आया था। पुलिस अब इस पहलू से भी जांच कर रही है।

 

4 of 14
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गाड़ी के शीशे में लगी गोली के निशान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रेकी और जीपीएस की भूमिका
पुलिस ने तीन शामली के युवकों को हिरासत में लिया है। ये युवक हत्याकांड से पहले अंकित के जिम के आसपास देखे गए थे। गाजियाबाद के दुकानदार से जीपीएस खरीदने और लगाने की जानकारी मिली है। पुलिस इन सभी कड़ियों को जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

 
विज्ञापन

5 of 14
यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अप्रैल में मवाना से चोरी बाइक से अंकित हत्याकांड को दिया अंजाम
अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। हत्याकांड में इस्तेमाल की गई बाइक अप्रैल 2026 में मवाना से चोरी हुई थी। शार्प शूटरों को दिल्ली में 75 हजार रुपये एडवांस भी दिए गए थे।
विज्ञापन

6 of 14
आरोपियों की वायरल तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार गोगी गिरोह के सदस्यों ने 22 अप्रैल 2026 को मवाना के कोल गांव से यह बाइक चुराई थी। दीपक नाम के व्यक्ति ने मवाना थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चोरी के बाद बाइक को पहले दिल्ली ले जाया गया, जहां गिरोह का एक सदस्य मौजूद था। इसके बाद बाइक सोनीपत पहुंचाई गई। 

 
विज्ञापन

7 of 14
आरोपियों की वायरल तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
बाद में इस पर बागपत की एक कार का फर्जी नंबर लगाया गया। सोनीपत के शार्प शूटर मोहित और सुमित ने 20 अगस्त को इसी बाइक से शामली में रेकी की थी। रेकी के बाद दोनों इसी बाइक से वापस चले गए थे। पुलिस अब उत्तर प्रदेश में सक्रिय गिरोह के सदस्यों की तलाश कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि बाइक को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और नंबर बदलने में कौन-कौन शामिल थे।

8 of 14
अंकिता बालियान की हत्या के बाद भागते हत्यारे सीसीटीवी में कैद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शूटरों को मुखर्जी नगर में मिले 75 हजार रुपये
पुलिस की जांच में सामने आया है कि शार्प शूटरों को 75 हजार रुपये अग्रिम भुगतान किया गया था। यह रकम उन्हें दिल्ली के मुखर्जी नगर में झाड़ियों में रखी मिली थी। गिरोह के सरगना भोलू और चिराग स्नैपचैट के माध्यम से दोनों शूटरों को निर्देश दे रहे थे। यह जानकारी हत्याकांड की साजिश को और स्पष्ट करती है।

 

9 of 14
दूसरे सीसीटीवी फुटेज में भागते नजर आ रहा हमलावर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत के सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए शूटर
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि शार्प शूटर बागपत जिले के कई सीसीटीवी कैमरों में दिखाई दिए थे। वे बागपत के पाली और खेकड़ा क्षेत्रों में कैद हुए थे। पुलिस अब इन सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। इसका उद्देश्य शूटरों के पूरे मार्ग का पता लगाना है।
 

10 of 14
सीसीटीवी में कैद अंकित की हत्या के बाद भागते हमलावर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खौफ और वर्चस्व की साजिश: खुन्नस में हत्या, दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलना था गोगी गैंग का मकसद
गायक अंकित बालियान हत्याकांड की तफ्तीश में जुटी एसटीएफ और पुलिस के हाथ कई चौंकाने वाले सुराग लगे हैं। शुरुआती जांच में सामने आए ''''विवादित गाने'''' के एंगल के साथ-साथ अब जांच एजेंसियों की सुई गोगी गैंग की गहरी आपराधिक साजिश पर टिक गई है।

11 of 14
सीसीटीवी में कैद अंकित की हत्या के बाद भागते हमलावर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक ये वारदात महज किसी गाने से जन्मी व्यक्तिगत रंजिश या पुरानी खुन्नस का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे हरियाणा और पश्चिमी यूपी के म्यूजिक व रंगदारी नेटवर्क पर अपना एकाधिकार जमाने का बड़ा खेल छिपा था।

 

12 of 14
सीसीटीवी में कैद हत्या से पूर्व जिम से निकलते हुए अंकित - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूत्रों के मुताबिक तफ्तीश में सामने आया है कि कुख्यात गोगी गैंग हरियाणा से लेकर दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक अपने खौफ का साम्राज्य स्थापित करना चाहता है। अंकित बालियान जैसे लोकप्रिय कलाकार को सरेआम निशाना बनाकर गैंग का मकसद पूरे हरियाणवी म्यूजिक व एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में दहशत का माहौल पैदा करना था।

13 of 14
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस खौफ के बल पर गोगी गैंग का असली इरादा म्यूजिक प्रोड्यूसर्स, सिंगर्स और स्थानीय कारोबारियों से मोटी रंगदारी वसूलना और पूरे क्षेत्र में अपना वर्चस्व स्थापित करना था। चूंकि गाने की वजह से अंकित से गैंग की खुन्नस थी लिहाजा उसको निशाना बनाया।
विज्ञापन

14 of 14
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के बाद शहर के मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर हंगामा करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की मौत के बाद से ही यह गिरोह अपने अस्तित्व और धाक को बनाए रखने के लिए किसी बड़े वारदात की फिराक में था। अंकित की हत्या को अंजाम देकर वह यह संदेश देना चाहते थे कि जो भी उनके खिलाफ जाएगा या उनके विरोधियों से संबंध रखेगा, उसका यही अंजाम होगा। फिलहाल, मुठभेड़ में दो शूटरों के ढेर होने के बाद अब एसटीएफ इस पूरे रंगदारी और दहशत फैलाने वाले सिंडिकेट के आकाओं को बेनकाब करने में जुटी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें