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UP: 25 साल में 145 अपराधी ढेर, पढ़ें- पूर्व सीएम कल्याण सिंह को मारने की सुपारी से दुजाना एनकाउंटर तक की कहानी

Fri, 05 May 2023 04:50 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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कुख्यात अमित दुजाना एनकाउंटर। - फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ की सिल्वर जुबली मेरठ यूनिट ने कुख्यात अनिल दुजाना के खात्मे के साथ मनाई। 25 साल पहले चार मई 1998 को ही अपराधियों को खत्म करने के मकसद से एसटीएफ का गठन हुआ था। तब से एसटीएफ 145 अपराधियों का खात्मा कर चुकी है। मेरठ में दुजाना मुठभेड़ में मारा जाने वाला छठा अपराधी था।

90 के दशक की बात है। उत्तर प्रदेश में तमाम बड़े गैंगस्टर जरायम की दुनिया में सर उठा रहे थे। उनकी वारदातों से अखबारों के पन्ने रंगे रहते थे। 21 सितंबर 1997 को उत्तर प्रदेश में भाजपा के कल्याण सिंह ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। यहीं से प्रदेश में एक नए गैंगस्टर का नाम सामने आया। ये था श्रीप्रकाश शुक्ला। रंगदारी, अपहरण और भाड़े पर हत्या करने का उसका शौक था। श्रीप्रकाश शुक्ला प्रदेश के बड़े गैंगस्टर में शुमार हो गया। 
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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
कहा जाता है कि उसने जरायम की दुनिया में नाम करने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह तक को मारने की सुपारी ले ली थी। इसके बाद यूपी में चार मई 1998 को एसटीएफ यानि स्पेशल टास्क फोर्स का गठन हुआ। एसटीएफ ने श्रीप्रकाश शुक्ला की तलाश में दिन-रात एक कर दिया। सर्विलांस यानि मोबाइल फोन से लोकेशन लेने की तकनीक भी तभी से इस्तेमाल की गई। 
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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
वहीं, 22 सितंबर 1998 को गाजियाबाद में हुई मुठभेड़ में श्रीप्रकाश शुक्ला को एसटीएफ की टीम ने मार गिराया। श्रीप्रकाश शुक्ला के खात्मे के बाद निर्भय गुर्जर, ददुआ, ठोकिया जैसे तमाम अपराधियों का सफाया किया। अब बृहस्पतिवार को यूपी एसटीएफ का 25वां स्थापना दिवस था। ऐसे में मेरठ एसटीएफ की टीम ने वेस्ट यूपी के दुर्दांत अपराधी अनिल दुजाना को ढेर करके सिलवर जुबली मनाई। पूरे प्रदेश में एसटीएफ की आठ यूनिट हैं। प्रदेश की टीम में 550 जवान-अधिकारी तैनात हैं।

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अनिल दुजाना एनकाउंटर, Anil Dujana Encounter - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में चौथी मुठभेड़
25 साल के इतिहास में एसटीएफ ने जहां 145 अपराधियों को ढेर किया। वहीं, 963 पुरस्कार घोषित अपराधी गिरफ्तार किए गए। 53 आतंकवादी गिरफ्तार किए गए। कुल 3707 कार्य एसटीएफ द्वारा किए गए। मेरठ यूनिट की बात करें तो यहां पर पहली मुठभेड़ दो मार्च 2006 को परतापुर थाना क्षेत्र में हुई। इस मुठभेड़ में दो बदमाश मारे गए। दूसरी मुठभेड़ 28 सितंबर 2017 को हुई। इसमें मुकीम काला के भाई वसीम काला को मुभठेड़ में मार गिराया गया। 
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अनिल दुजाना - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद 29 मई 2018 को कंकरखेड़ा में टीम ने दो बदमाश हिमांशु उर्फ नरसी उर्फ टाइगर एवं धीरज चौधरी को मार गिराया। एसपी बृजेश सिंह के नेतृत्व में चौथी मुठभेड़ में बृहस्पतिवार को अनिल दुजाना मारा गया।
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अनिल दुजाना एनकाउंटर, Anil Dujana Encounter - फोटो : अमर उजाला
पहली बार मेरठ में वारदात करने आया और मारा गया
अनिल दुजाना पर 21 साल में 65 मुकदमे दर्ज हुए। ये सब मुकदमे गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर में रहे। मेरठ में उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं था। पहली ही बार वो मेरठ में वारदात करने आ रहा था, पहली ही बार में मारा गया। अनिल दुजाना का वेस्ट यूपी के गैंगस्टर से गठजोड़ रहा लेकिन, मेरठ में किसी अपराध में उसकी संलिप्पता नहीं सामने आई।
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