मेरठ के लावड़-मसूरी मार्ग पर खरदौनी-महल के बीच डस्ट से भरे ट्रक ने घोड़ा बुग्गी में सामने की टक्कर मार दी। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। वहीं खून से लाल सड़क का मंजर जिसने भी देखा उसकी ही रूह कांप गई। घोड़ा बग्गी पर सवार मोहित इस हादसे का इकलौता चश्मदीद था जिसे मौत करीब से छूकर निकली। हादसे में वह सुरक्षित बच गया लेकिन खौफनक मंजर उसकी जेहन से भुलाया न जा रहा है।
इस हादसे में आगे निकलने की होड़ ने चार जिंदगियां छीन लीं। डस्ट से भरे ट्रक ने घोड़ा बुग्गी में सामने टक्कर मारी और फिर आधा किमी तक बग्गी को घसीटता हुआ ले गया। बग्गी सवार चिल्लाते रहे, लेकिन ट्रक चालक ने ट्रक नहीं रोका। ट्रक चालक घायलों को भी घसीटकर ले जाता रहा। बग्गी पर सवार सीताराम का शव काफी दूर मिला। शव के चिथड़े उड़ गए थे। यहां तक कि एक बेजुबान घोड़ा भी खिलौने की तरह दो टुकड़ों में टूट गया। आगे पढ़ें, चश्मदीद मोहित की जुबानी इस दर्दनाक हादसे की कहानी।