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चीखें, आंसू और सिसकियां: एक साथ निकले तीन जनाजे, शिक्षक के अंतिम सफर में उमड़ा जनसैलाब; देखें- तस्वीरें

Tue, 29 Sep 2026 04:06 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।

सार

मऊ जिले में दो हादसों में चार लोगों की जान चली गई। इस दौरान मंगलवार को एक साथ तीन जनाजे निकले। वहीं शिक्षक के अंतिम सफर में जनसैलाब उमड़ा रहा। परिवार की चीख-पुकार से लोगों का कलेजा फटा जा रहा था।  
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जनाजे में शामिल भीड़ - फोटो : अमर उजाला
मऊ जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में हुई दो हृदयविदारक घटनाओं ने मंगलवार को पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार को एक तरफ जहां घोसी से दोहरीघाट तक लोकप्रिय शिक्षक रामविलास भारती के अंतिम संस्कार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। वहीं दूसरी तरफ बिजली के करंट की चपेट में आने से जान गंवाने वाले तीन युवकों खुरशीद, कामिल और इरफान के जनाजे जब एक साथ उठे, तो हर आंख नम हो गई। पूरे जिले में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस अपार दुख में डूबा नजर आ रहा है। इन दोनों घटनाओं का सोशल मीडिया पर लोग पोस्ट साझा करते दिखे।
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जनाजे में शामिल भीड़ - फोटो : अमर उजाला
करंट की जद में आने से तीन की मौत  
दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के इस्लामाबाद मोहल्ला में हाईटेंशन तार की जद में आने से मृत खुरशीद उर्फ महमूद, कामिल, इरफान का पोस्टमार्टम होने के बाद शव सोमवार की देर रात उनके घर पर पहुंचा।

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जनाजे में शामिल भीड़ - फोटो : अमर उजाला
इस हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। मंगलवार को तीनों के जनाजे एक साथ निकले, जहां तीनों एक साथ सुपुर्द-ए-खाक हुए। इस दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल भी मुस्तैद रहा।

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अंतिम सफर में उमड़ा जनसैलाब - फोटो : अमर उजाला
शिक्षक रामविलास भारती के अंतिम सफर में उमड़ा जनसैलाब
घोसी क्षेत्र के जाने-माने और सम्मानित शिक्षक डॉ. रामविलास भारती दिल्ली में हार्ट अटैक से असामयिक निधन होने के बाद सोमवार की देर रात शव उनके पैतृक गांव जमीन माछिल पहुंचा। मंगलवार को शव का अंतिम संस्कार के लिए जब शरीर अंतिम संस्कार के लिए निकला, तो घोसी से लेकर दोहरीघाट तक की सड़कें लोगों से पट गईं।
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अंतिम सफर में उमड़ा जनसैलाब - फोटो : अमर उजाला
जहां कई स्कूलों के छात्र सड़क किनारे पंक्ती में खड़े होकर दिवंगत शिक्षक को अंतिम विदाई दी। वहीं अपने प्रिय शिक्षक को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण, छात्र और गणमान्य नागरिक सड़कों पर उतर आए।

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