उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे में लोगों की माैत का आंकड़ा बढ़ गया है। हादसे में अब तक 19 लोगों की माैत हो चुकी है। शवों की पहचान प्रशासन के साथ परिजनों के सामने भी चुनाैती बन गई है। अब तक सिर्फ तीन शवों की पहचान हो सकी है।
मथुरा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर बलदेव इलाके में मंगलवार को हुए भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या 19 हो गई है। बुधवार को जली गाड़ियों से निकाले गए 18 शवों के पोस्टमार्टम कराए गए, जबकि एक घायल की मौत एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हो गई। हादसे में मरने वालों की शिनाख्त का संकट बना हुआ है। सिर्फ तीन मृतकों की पहचान हो सकी, जिनके शव परिजन ले गए हैं।
विज्ञापन
2 of 7
हादसे के बाद वाहनों में लगी आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना एक्सप्रेस-वे के माइल स्टोन 127 पर मंगलवार तड़के हुए हादसे में घने कोहरे में तीन कारें, सात डबल डेकर बसें और एक रोडवेज सहित 14 गाड़ियां आपस में टकराई गई थीं। हादसे के बाद वाहनों में आग लग गई थी। भीषण आग में 12 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हुई थी, जबकि कार सवार एक व्यक्ति की वाहनों की चपेट में आकर मौत हुई थी। 100 घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन
3 of 7
हादसे के बाद वाहनों में लगी आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने जले हुए वाहनों से 18 पॉलिथीन में शवों को पोस्टमार्टम गृह भिजवाया था। इनमें से गोंडा के छविया निवासी सुल्तान अहमद (64), प्रयागराज के मोहिउद्दीनपुर निवासी भाजपा नेता अखिलेंद्र प्रताप यादव (44) और आजमगढ़ निवासी रामपाल (75) के परिजन ने शिनाख्त कर ली थी।बुधवार को चिकित्सकों ने 18 शवों के पोस्टमार्टम किए, जिनमें शिनाख्त वाले तीन शवों को उनके परिजन को सौंप दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधाबल्लभ ने बताया कि बुधवार को 18 शवों के पोस्टमार्टम कराए गए हैं। इनमें से तीन की शिनाख्त होने पर परिजन को शव सौंपे गए हैं।
4 of 7
हादसे के बाद आग पर काबू पाते दमकलकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूसरी ओर, एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा में भर्ती कराए गए घायल उस्मान (50) निवासी हमीरपुर की मंगलवार की रात को मौत हो गई। उस्मान अपनी पत्नी के साथ हमीरपुर से दिल्ली जा रहे थे। इस तरह हादसे में मरने वालों की संख्या 19 हो गई है। अभी कई शवों की शिनाख्त होना बाकी है। लापता यात्रियों के परिजन भी मथुरा में पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए 30 घायल यात्रियों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि तीन को हालत ठीक नहीं होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहीं वृंदावन के सौ शैया अस्पताल से भी अधिकांश घायल यात्रियों को छुट्टी दे दी गई है।
विज्ञापन
5 of 7
अस्पताल में भर्ती घायल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिला अस्पताल से 33 घायलों को मिली छुट्टी, अन्य की हालत में सुधार
बलदेव यमुना एक्सप्रेस में हुए हादसे के बाद जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की छुट्टी का सिलसिला बुधवार को शुरू हो गया। बुधवार को 30 मरीजों की छुट्टी हो गई जबकि तीन को एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर दिया। तीन मरीज ऐसे हैं जिनका उपचार जिला अस्पताल चल रहा है। राहत की बात यह है कि वर्तमान में कोई भी मरीज गंभीर हालत में नहीं है।
विज्ञापन
6 of 7
हादसे के बाद आग में जली बस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि सभी घायलों को आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है और दवाइयों के साथ जरूरी जांचें की जा रही हैं। मंगलवार को दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक मशीनरी भी अस्पताल पहुंची और घायलों का हालचाल जाना। अधिकारियों ने चिकित्सकों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और घायलों के परिजनों से बातचीत कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती 36 मरीजों में से 30 मरीजों की छुट्टी करके उन्हें एंबुलेंस से घर भेजा गया। जबकि 3 मरीजों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें शाम को एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। अब जिला अस्पताल में तीन मरीज हैं जिनका उपचार चल रहा है। स्थिति में सुधार होने पर उनकी छुट्टी करके घर भेजा जाएगा।
अस्पताल में डटे रहे अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीएमएस कक्ष में डटे रहे प्रशासनिक अधिकारी
दुर्घटना के दूसरे दिन प्रशासनिक अधिकारियों ने जिला अस्पताल में डेरा डाल दिया। सीएमएस कार्यालय में बैठकर उन्होंने मरीजों के घर जाने की व्यवस्था कराई। बुधवार को सुबह से ही एसडीएम सदर अभिनव जे जैन, एडीएम नमामि गंगे राजेश यादव, डिप्टी कलेक्टर नरेंद्र यादव, ऊषा समेत अन्य अधिकारी जिला अस्पताल पहुंच गए। सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल के कक्ष में सभी अधिकारी बैठे रहे और घायलों के परिजन से बातचीत की। बातचीत के बाद जिन मरीजों की हालत ठीक थी उनको घर जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की।