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वृंदावन माॅल हादसा: मलबे में दबी चीखें, खून से सने मजदूर, तीन की माैके पर ही माैत; मंजर देख कांप गए लोग

Fri, 21 Aug 2026 09:49 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

वृंदावन में ओमेक्स कोर्टयार्ड मॉल परिसर में चौथी मंजिल पर छत और छज्जे की ढलाई के दौरान अचानक शटरिंग नीचे गिर गई। इसके साथ चार मजदूर भी नीचे आ गिरे। तीन की माैके पर ही माैत हो गई। हादसे से माैके पर चीखपुकार मच गई। 
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वृंदावन माॅल हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वृंदावन के निर्माणाधीन ओमेक्स कोर्टयार्ड मॉल में शुक्रवार सुबह हुए हादसे ने सिर्फ शटरिंग की मजबूती ही नहीं, बल्कि निर्माण स्थल पर आपातकालीन व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस परिसर में 250 से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं, वहां हादसे के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन की व्यवस्था भी नहीं थी। मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के बाद अस्पताल पहुंचाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

मजदूरों के मुताबिक निर्माणाधीन मॉल में पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, असम और नेपाल के करीब 250 मजदूर काम कर रहे हैं। इनमें से कई मजदूर निर्माण स्थल के आसपास टिन की झोपड़ियां बनाकर रह रहे हैं। शुक्रवार सुबह छत की ढलाई के दौरान शटरिंग गिरने से चार मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के बाद साथी मजदूरों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला गया। मजदूरों के अनुसार, घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए वाहन की तलाश करते रहे। फिर कंपनी के एक कर्मचारी की गाड़ी से मजूदरों को संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। सरकारी एंबुलेस तब तक नहीं आई थी। मजदूरों का कहना है कि इतने बड़े निर्माण स्थल पर आपात स्थिति में घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अलग से वाहन की व्यवस्था होनी चाहिए। मजदूरों ने कहा कि हादसे में यदि चार से ज्यादा संख्या में मजदूर घायल होते तो परेशानी बढ़ जाती।

 
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निर्माणाधीन माॅल में हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
टिन की झोपड़ियों में रह रहे मजदूर
निर्माण स्थल पर काम करने वाले मजदूरों के लिए आसपास टिन की झोपड़ियां बनाई गई हैं। दूर-दराज के राज्यों और नेपाल से आए मजदूर यहीं रहकर काम कर रहे हैं। ऐसे में निर्माण स्थल पर काम के साथ-साथ उनके रहने की जगह पर भी सुरक्षा और आपातकालीन सुविधाओं की उपलब्धता अहम हो जाती है। इमारत के निर्माण कार्य को सहारनपुर की कंपनी वीकेजी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड देख रही है। हादसे के बाद कंपनी की ओर से अधिकारी भी वृंदावन पहुंच गए थे।



 
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वृंदावन हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शटरिंग के साथ चौथी मंजिल से गिरे मजदूर, तीन की मौत
वृंदावन के रुक्मिणी विहार स्थित ओमेक्स कोर्टयार्ड मॉल परिसर में शुक्रवार सुबह निर्माणाधीन वृंदावन कोर्टयार्ड इमारत में चौथी मंजिल पर छत और छज्जे की ढलाई के दौरान अचानक शटरिंग नीचे गिर गई। शटरिंग के मलबे के साथ चार मजदूर भी चौथी मंजिल से नीचे आ गिरे, जिनमें से तीन की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल एक मजदूर को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी, एसएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घायल को बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।

 

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वृंदावन हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीओ सदर वरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि हादसे में पश्चिम बंगाल के सीताही कूच बिहार निवासी रफ्यूल (28) पुत्र मजिदुल, आलम (30) पुत्र सोहले मियां और नेपाल के कैलाली, सिमरी जोशीपुर निवासी शिवराम (42) पुत्र भाई लाल की मौत हो गई। जबकि पश्चिम बंगाल के कूच बिहार निवासी दिलदार (45) पुत्र कौशाम्बिया गंभीर रूप से घायल हो गए। उनको आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। साइट पर नाइट शिफ्ट में काम चल रहा था। सुबह करीब साढ़े छह बजे चौथी मंजिल की छत की ढलाई के दौरान अचानक शटरिंग का बड़ा हिस्सा नीचे गिर गया। मलबे में चार मजदूर भी गिर गए। घटना के बाद मौके पर चीखपुकार मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।

 
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हादसे से चीखपुकार मच गई। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद मजूदरों ने मलबे में दबे लोगों को निकालने में देर नहीं लगाई। मजूदरों को बाहर निकालकर मौके पर मौजूद कंपनी के कर्मचारी उन्हें अपनी गाड़ी से अस्पताल लेकर भागे। सूचना मिलते ही वृंदावन पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस मौके पर पहुंच मलबा हटाने में जुट गए, लेकिन मजूदरों को पहले ही बाहर निकाल लिया गया था।

 
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माैके पर हादसे की जानकारी लेते अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शिवराम के परिजन ने मांगा 50 लाख का मुआवजा
हादसे में शिवराम की मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही उनके शव को बाहर निकाला तो परिजन में कोहराम मच गया। शिवराम यहां अपनी पत्नी चंद्रपति, बेटी पूर्णिमा, भतीजी ज्योति, मनीषा और उसके पति अरुण के साथ रह रहा था। अरुण भी उस दौरान उवके साथ काम कर रहा था। वह कुछ देर पहले ही शौचालय के लिए उतरकर आ गया था, लेकिन हादसे के बाद परिजन का बुरा हाल हो गया। निर्माण कंपनी पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग करने लगे। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। हालांकि पुलिस ने जब परिजन को समझाया तो वह राजी हो गए।


 
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हादसे के बाद दहशत में मजदूर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चंद मिनटों में बदल गया नजारा, मची चीखपुकार
निर्माणाधीन ओमेक्स कोर्टयार्ड मॉल में शुक्रवार सुबह चल रहा निर्माण कार्य अचानक चीख-पुकार में बदल गया। कुछ मिनट पहले जहां मजदूर निर्माण कार्य में जुटे थे, वहीं अचानक हादसे के बाद अफरातफरी मच गई। साथी मजदूर और आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन भारी मलबे के कारण फंसे लोगों को बाहर निकालना आसान नहीं था। लोगों के सामने ही उनके अपने तीन साथियों की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजन रोते हुए बोले कि वे रोजी रोटी कमाने के लिए आए थे, लेकिन कमाने वाला ही हादसे में चला गया। मजदूर अरुण का कहना है कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में हादसा साथ काम करने वाले चचिया ससुर की जिंदगी छीन लेगा।

 
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माैके पर हादसे की जानकारी लेते अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कंपनी के प्रबंधक ने हर संभव मदद का दिया आश्वासन
हादसे की सूचना पर आए ओमेक्स के जीएम आरके जैन के अनुसार, रात 8 बजे से सुबह तक ढलाई का काम चल रहा था और मौके पर 10 से 12 मजदूर थे। अचानक हुए हादसे में 4 मजदूर चपेट में आए, जिनमें से तीन की जान चली गई। वे यहां एक माह पहले ही काम करने के लिए आए थे। इस परियोजना के तहत दो बेसमेंट, एक लोअर फ्लोर और ग्राउंड प्लस 7 मंजिल की इमारत तैयार की जा रही है।

हादसे की जानकारी के बाद तत्काल बचाव दल ने रेस्क्यू शुरू कर दिया था। पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी बचाव कार्य में जुटी। दुख की बात है कि हादसे में तीन लोगों ने जान गंवा दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। - चंद्रप्रकाश सिंह, जिलाधिकारी

घटना की तकनीकी जांच के लिए लोक निर्माण विभाग की टीम लगी है। जांच के बाद रिपोर्ट पेश की जाएगी। परिजन की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -श्लोक कुमार, एसएसपी

 
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