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UP: आंधी-बारिश का अलर्ट मैसेज, फिर भरभराकर गिरा छज्जा; बांके बिहारी मंदिर के पास हुए भयानक हादसे की पूरी कहानी

Wed, 10 Jun 2026 05:23 PM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

वृंदावन में आंधी-बारिश शुरू होने के दौरान बांके बिहारी मंदिर क्षेत्र में हुए हादसे में कई श्रद्धालु घायल हो गए। मोबाइल पर मौसम अलर्ट आने के कुछ ही मिनट बाद मचे हादसे ने मंदिर क्षेत्र की संकरी गलियों और पुराने भवनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए।
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वृंदावन हादसा - फोटो : अमर उजाला
वृंदावन में मंगलवार शाम को दर्दनाक हादसा हो गया। यहां बांके बिहारी मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते में जर्जर मकान का छज्जा अचानक गिर गया। इसकी चपेट में आने से नौ श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। लोगों ने बताया कि शाम छह बजे से जैसे ही मोबाइल फोन पर आंधी-बारिश का अलर्ट मैसेज आया तो मनीष गोस्वामी के घर बैठे अलीगढ़ के लक्ष्मीनारायण और उनके परिजन मौसम की बात ही कर रहे थे। तभी तेज आंधी शुरू हो गई और वह बाहर उठकर देखने चले गए। अचानक तेज आवाज आई और चीखपुकार मच गई। परिजन ने बाहर आकर देखा तो वह सड़क पर बेहोश पड़े हुए थे। सिर से खून बह रहा था।

परिजन उन्हें देखते ही रोने चिल्लाने लगे। मनीष गोस्वामी और उनके परिजन उन्हें हाथों में उठाकर लेकर दौड़ने लगे। तब तक एंबुलेंस आ चुकी थी, जिसकी सहायता से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। अलीगढ़ के कावेरी विहार के रहने वाले लक्ष्मीनारायण अपना जन्मदिन मनाने के लिए बांकेबिहारी मंदिर में अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ आए थे। मनीष गोस्वामी ने बताया कि वह दर्शन कर उनके घर पर बैठे थे लेकिन हाेनी उन्हें बाहर तक खींच ले गई। किसी को ऐसी उम्मीद भी नहीं थी कि ऐसा हादसा हो सकता है।




 
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वृंदावन हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा के रुनकता निवासी विजय और पांच वर्ष का रुद्रांश भी हादसे में घायल हो गए। रुद्रांश के सिर में चोट आई। चोट लगने के बाद पिता ने अपनी चोट न देखकर बच्चे को उठाया और अपनी जेब से रुमाल निकालकर उसके सिर पर लगा दिया। बेटा दर्द के मारे रो रहा था और पिता की आंखों से आंसू निकल रहे थे।
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वृंदावन हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनके साथ आए लोगाें ने दोनों को संभाला। हादसे के बाद बेटा पिता से चिपक गया। अस्पताल पहुंचने पर वह पिता के साथ व्हीलचेयर पर बैठा रहा। पिता ने अधिकारियों और चिकित्सकों से कहा कि मेरे बेेटे को कुछ नहीं होना चाहिए। आप पहले उसका इलाज कीजिए। प्राथमिक उपचार के परिजन दोनों को आगरा ले गए ।

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वृंदावन हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राजस्थान के सवाई माधोपुर से चंचल प्रजापति और उसकी मां जानकी देवी आठ लोगों के साथ दर्शन करने को आईं थी। वृंदावन की परिक्रमा लगाने के बाद वह ठाकुरजी के दर्शन के लिए पहुंचे थे। हादसे में मां-बेटी घायल हो गए हैं। परिजन ने बताया कि दोनों की हालत खतरे से बाहर है।
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वृंदावन हादसा - फोटो : AI
वृंदावन की संकरी गलियां, वर्षों पुराने भवन और प्रतिदिन उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ प्रशासन के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। विशेषकर त्योहार, सप्ताहांत और अवकाश के दिनों में मंदिर क्षेत्र में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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वृंदावन हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे में किसी भी जर्जर भवन का हिस्सा टूटना बड़ी जनहानि का कारण बन सकता है। बरसात का मौसम नजदीक होने से भवनों की मजबूती और सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
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