मथुरा हादसा
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शवों की शिनाख्त जारी
गाड़ियां धू-धू कर जलने लगीं। घटनास्थल पर मचे कोहराम के बीच आसपास के ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया मगर सफलता नहीं मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हादसे की भयावहता को देखकर एंबुलेंस और दमकलों को बुलाया। करीब एक घंटे के बाद मथुरा, हाथरस और आगरा से दमकलें घटनास्थल पर पहुंची। एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ियों से करीब 100 घायलों को मथुरा, वृंदावन और आगरा के अस्पतालों में भेजा गया। निजी बसें गोंडा, जालौन, कानपुर, जौनपुर, हमीरपुर, बहराइच, प्रयागराज से दिल्ली जा रही थी। रोडवेज बस आंबेडकर नगर डिपो की थी जो आंबेडकर नगर से दिल्ली जा रही थी। घटना के बाद एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह, डीआईजी शैलेश पांडेय, डीएम चंद्रप्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार ने घटनास्थल और अस्पतालों का निरीक्षण किया और इंतजाम करवाए। देर रात तक शवों की शिनाख्त कराने का प्रयास किया जा रहा था।