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वो मां नहीं हो सकती: थाने में पत्नी को मनाता रहा पति, बाहर लहूलुहान पड़ी थी मासूम बेटी की लाश; चेहरा तक न देखा

Tue, 04 Aug 2026 08:03 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

दो दिन से मां की लिए तड़प रही मासूम गुंजन थाने में मां को साथ ले जाने के लिए उम्मीद भरी नजरों से देख रही थी, उसे लग रहा था कि शायद अब उसे मां की गोद नसीब होगी। वह खुशी-खुशी मां के साथ घर जाएगी, मगर, मां घर चलने के लिए तैयार नहीं थी। सड़क के दूसरी ओर बैठे बच्ची के नाना के बुलाने पर सड़क पार करने लगी, तभी वाहन ने उसे चपेट में ले लिया, अंतिम वक्त में मासूम गुंजन को मां की गोद भी नसीब नहीं हो सकी।
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पिता की गोद में बेटी - फोटो : अमर उजाला
बच्चे को जरा सी चोट लगने पर मां बेहाल हो जाती है मगर यूपी के मैनपुरी स्थित बिछवां थाने के सामने हुई दुर्घटना में पांच साल की बेटी की मौत के बाद भी उसकी मां का दिल नहीं पसीजा। बेटी थाने के गेट पर तड़प रही थी मगर मां उसे देखने के लिए थाने से बाहर नहीं निकली। परिजन ने बेटी का वास्ता दिया मगर उसका दिल नहीं पिघला।
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हादसे में बच्ची की मौत - फोटो : अमर उजाला
सात दिन पहले घर छोड़कर चली गई थी शिवानी
गांव कुंजलपुर के रहने वाले संजू की शादी करीब सात साल पहले भोगांव क्षेत्र की रहने वाली शिवानी के साथ हुई है। शिवानी के दो बच्चे गुंजन और दो वर्षीय किट्टू है। सात दिन पहले शिवानी घर से चली गई थी। थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई, जिसके बाद सोमवार रात को पुलिस शिवानी को ढूंढ़कर थाने लाई थी। संजू, उसके परिजन व शिवानी के मायके पक्ष के लोग भी थाने आ गए थे। सभी लोग उसे घर वापस चलने के लिए समझा रहे थे मगर शिवानी पति के साथ जाने के लिए तैयार ही नहीं हो रही थी। उसका कहना था कि वह अपनी मर्जी से किसी के भी साथ जाएगी। पति के साथ नहीं रहेगी। संजू ने अपनी दोनों बच्चियों का वास्ता भी दिया, मगर शिवानी का दिल नहीं पसीजा।
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गुंजन - फोटो : अमर उजाला
पिता की गोद में तड़पती रही बच्ची
इस बीच से दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे के बाद भी शिवानी टस से मस नहीं हुई। घटनास्थल पर ही पिता की गोद में मासूम तड़पती रही। हादसे की जानकारी होने के बाद परिजन शिवानी के सामने ही आंसू बहाते रहे, मगर, शिवानी पर इसका कोई असर नहीं हुआ। वह बच्ची को देखने के लिए थाने के कमरे से चंद कदम बाहर भी नहीं निकली। संजू बच्ची को लेकर अस्पताल चला गया।

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नाना की खोद में गुंजन की बहन - फोटो : अमर उजाला
आखिरी वक्त में मां नहीं... मौत की गोद में सो गई गुंजन
दो दिन से मां की लिए तड़प रही मासूम गुंजन थाने में मां को साथ ले जाने के लिए उम्मीद भरी नजरों से देख रही थी, उसे लग रहा था कि शायद अब उसे मां की गोद नसीब होगी। वह खुशी-खुशी मां के साथ घर जाएगी, मगर, मां घर चलने के लिए तैयार नहीं थी। सड़क के दूसरी ओर बैठे बच्ची के नाना के बुलाने पर सड़क पार करने लगी, तभी वाहन ने उसे चपेट में ले लिया, अंतिम वक्त में मासूम गुंजन को मां की गोद भी नसीब नहीं हो सकी।
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रोती किट्टू - फोटो : अमर उजाला
खामोश हो गई किट्टू को हंसाने वाली बहन
बिछवां थाने के सामने हुई घटना में जहां एक पिता का दर्द, मां की कटुता और कठोरता देखने को मिली, वहीं दो साल की किट्टू अपने नाना की गोद में सहमी हुई नजर आई। परिजन ने बताया कि गुंजन छोटी बहन किट्टू के साथ खेलती थी, उसे हंसाती थी।
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