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UP: लखीमपुर खीरी में तेंदुए ने ली सात वर्षीय सिमरन की जान, माता-पिता पर टूटा दुखों का पहाड़

Thu, 26 Mar 2026 03:30 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी के सिंगाही क्षेत्र में तेंदुए ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दिया। बुधवार शाम घर में घुसा तेंदुआ सात साल की बच्ची सिमरन को दबोच ले गया और उसे मार डाला। इस घटना ने हर किसी का दिल झकझोर दिया है। सिमरन जोगा सिंह की इकलौती संतान थी। 
 
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तेंदुए के हमले में मासूम सिमरन की मौत - फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी के सिंगाही क्षेत्र के फुटहा फार्म में तेंदुए के हमले में सात वर्षीय सिमरन की मौत की घटना ने परिवार की खुशियां छीन लीं। करीब 60 वर्ष की उम्र में जोगा सिंह को मन्नतों के बाद इकलौती संतान का सुख मिला था, जिसे बुधवार शाम तेंदुए ने छीन लिया। घर में घुसा तेंदुआ माता-पिता के सामने मासूम बेटी को दबोच ले गया। इकलौती बेटी की मौत से माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस संतान के लिए जोगी सिंह ने परिवार की सहमति से तीन शादियां की, उस संतान को तेंदुए ने छीन लिया। इस घटना ने क्षेत्र के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया।   
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सिमरन का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
घर में खाना खा रही थी मासूम सिमरन 
फुटहा फार्म निवासी जोगा सिंह की तीसरी पत्नी सरजीत कौर (50 वर्ष) मूकबधिर हैं, जो न सुन सकती हैं और न ही बोल सकती हैं। उनसे करीब सात वर्ष पहले बेटी सिमरन का जन्म हुआ था। बुधवार शाम सिमरन घर में खाना खा रही थी, तभी तेंदुआ घर में घुस आया और माता-पिता की आंखों के सामने ही उसे जबड़े में दबोचकर उठा ले गया। करीब 500 मीटर दूर गेहूं-मसूर के खेत में ले जाकर तेंदुए ने मासूम को मार डाला। इकलौती बेटी का अधखाया शव देख माता-पिता बेसुध हो गए। मौके पर मौजूद लोगों के भी आंसू छलक पड़े।   
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पीड़ित परिवार को अफसरों ने बंधाया ढाढ़स - फोटो : संवाद
बेहद मार्मिक है कहानी 
पीड़ित परिवार की कहानी बेहद मार्मिक है। जोगा सिंह की पहली पत्नी रंजीत कौर से कोई संतान नहीं हुई। रंजीत की सहमति से जोगी सिंह की दूसरी शादी अमरीक कौर से कराई गई, लेकिन गर्भावस्था के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। इसके बाद करीब दस वर्ष पूर्व पहली पत्नी ने ही तीसरी शादी सरजीत कौर से कराई थी। तीसरी पत्नी से जन्मी सिमरन ही परिवार की इकलौती संतान थी। 

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पीड़ित परिवार को दी सांत्वना - फोटो : संवाद
करीब दो वर्ष पहले जोगा सिंह की पहली पत्नी रंजीत कौर का भी निधन हो गया। अब बुजुर्ग माता-पिता के जीवन का एकमात्र सहारा भी उनसे छिन गया। घटना के बाद से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मूकबधिर मां का विलाप और पिता की हालत देख हर किसी की आंखें नम हो रही हैं। पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
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धरने पर बैठे क्षेत्रीय लोग - फोटो : संवाद
घटना के बाद लोगों में आक्रोश 
घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। बृहस्पतिवार को बच्ची के परिजनों के साथ तमाम लोग धरने पर बैठे गए। पुलिस को बच्ची का शव नहीं उठाने दिया। परिजनों ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) उत्तर प्रदेश के बैनर तले संगठन के विधानसभा अध्यक्ष जयमल सिंह ढिल्लो के नेतृत्व में अधिकारियों को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया है।
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बच्ची की मौत के बाद पीड़ित परिजनों के नहीं थम रहे आंसू - फोटो : संवाद
किसान नेता जयमल सिंह ढिल्लो ने ज्ञापन देकर जंगल क्षेत्र में मजबूत जालीदार फेंसिंग कराने, जंगली जानवरों के हमले में मौत होने पर पीड़ित परिवार को 21 लाख रुपये मुआवजा देने और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई है। इसके अलावा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और आत्मरक्षा में जंगली जानवर को मारने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई न किए जाने की भी मांग की गई।
 
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सिमरन का फाइल फोटो, रोते-बिलखते परिजन - फोटो : संवाद
अपनी मांगों पर अड़े परिजन 
घटना के करीब 18 घंटे बाद भी परिजन और सिख संगठन के लोग शव को लेकर मौके पर डटे रहे। लगातार मान-मनौव्वल के बावजूद परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) कीर्ति चौधरी, एसडीएम राजीव निगम, सीओ शिवम कुमार, वन विभाग के एसडीओ मनोज तिवारी सहित सिंगाही, निघासन, तिकोनिया, पलिया, मझगईं, पढ़ुआ व धौरहरा थानों की भारी पुलिस फोर्स सहित पीएसी बल तैनात रही। प्रशासनिक अधिकारी परिजनों को समझाने में जुटे रहे। 
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मामले की जानकारी देते लोग - फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद लगाया गया पिंजरा 
आरोप है कि सूचना देने के बावजूद घटना के दो घंटे बाद तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां पहले से बनी हुई थीं। इससे पूर्व वह दो पालतू कुत्तों और एक बछिया को भी अपना शिकार बना चुका है। इसके बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुए की सक्रियता को देखते हुए पिंजरा मंगवाकर मौके पर लगवाया है।

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