सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 59वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई। पहली बार दिल्ली के बाहर कार्यक्रम हुआ। लखीमपुर खीरी में एसएसबी की तृतीय वाहिनी परिसर में शुक्रवार को आयोजित वर्षगांठ कार्यक्रम में एसएसबी के जवान देशभक्ति के जज्बे और जुनून से लबरेज दिखाई दिए। डेयरडेविल्स दस्ते ने हैरतअंगेज करतब दिखाए तो दर्शकों ने तालियां बजाकर उनके हौसले को सलाम किया।
वर्षगांठ कार्यक्रम में शुक्रवार सुबह छह बजे मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय व विशिष्ट अतिथि गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ने सबसे पहले शहीद स्मारक पर पहुंचकर एसएसबी के शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद डीजी रश्मि शुक्ला ने सभी फ्रंटियर से आए हुए अफसरों से मंत्री द्वय का परिचय कराया। इस बीच परेड का समय हो चला था।
परेड का निरीक्षण करने के बाद जब मुख्य अतिथि मंच पर पहुंचे तो परेड कमांडर जितेंद्र यादव ने मंच के पास आकर मुख्य अतिथि नित्यानंद राय से परेड शुरू करने की अनुमति ली। इसी के साथ छह सीमांत मुख्यालयों से आई टुकड़ियों में शामिल दस्ते ने मार्च पास्ट किया।
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मुख्य अतिथि ने ली परेड की सलामी
- फोटो : अमर उजाला
मुख्य अतिथि ने परेड की सलामी ली तो उनके सम्मान में परिसर में मौजूद हर कोई खड़ा हो गया और तालियां बजाकर परेड का उत्साहवर्धन किया। वर्षगांठ परेड में एसएसबी की छह सीमांत मुख्यालयों से आई एक महिला टुकड़ी, एक स्पेशल ऑप्स टुकड़ी और श्वान दस्ते का प्रतिनिधित्व करने वाले बल कर्मियों ने शानदार मार्च पास्ट किया।
जब डेयरडेविल्स दस्ते ने हैरतअंगेज करतब दिखाए तो वहां मौजूद हर कोई दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर हो गया। एक जवान ने चलती बुलेट बाइक पर खड़े होकर पिस्टल से निशाना। चलती बाइक पर एसएसबी जवान का बैलेंस देखकर हर कोई हैरान रह गया। इसी तरह एक जवान ने बाइक पर सीढ़ी रखकर करतब दिखाए।
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महिला कर्मियों ने भी दिखाए कारनामे
- फोटो : अमर उजाला
एक मोटर साइकिल पर करतब दिखाते हुए एसएसबी की सात महिलाकर्मी निकलीं तो पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद एसएसबी 20 जवान सात बाइकों पर तिरंगा लहराते हुए निकले। इसके अलावा जवानों ने योगासन के माध्यम से भी करतब किए।
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महानिदेशक एसएसबी रश्मि शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
परेड की सलामी के बाद महानिदेशक एसएसबी रश्मि शुक्ला ने स्वागत भाषण के साथ अतिथियों का स्वागत किया। कहा कि 1962 के चीन युद्ध के बाद 1963 में एसएसबी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में लाखों स्वयंसेवक तैयार किये। कारगिल युद्ध के बाद एक सीमा एक बल के नाते भारत और भूटान पर एसएसबी ने मोर्चा संभाला।
उन्होंने कहा कि स्थापना से अब तक एसएसबी के 52 शहीदों को नमन करती हूं। एसएसबी देश की नई बॉर्डर गार्डिंग फोर्स है। भारत भूटान की सीमा के अलावा सात बटालियन नक्सल इलाके में जबकि तीन बटालियन जम्मू कश्मीर में तैनात हैं। कार्यक्रम के दौरान एसएसबी के लिए निर्माण कार्यों का भी नित्यानंद राय ने बटन दबाकर उद्घाटन किया।