लखीमपुर खीरी के गांव मोतीपुर ग्रांट नंबर दस में 14 अप्रैल को बवाल हुआ। इस मामले में प्रधान सहित 82 लोगों को नामजद और 200 से अधिक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। गांव में तनावपूर्ण शांति है और पुलिस-पीएसी तैनात है। बवाल के दौरान पुलिस और निजी आठ वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे। घायल चंदा देवी ने हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराया है। मैलानी इंस्पेक्टर ने भी 74 लोगों को नामजद करते हुए एक और मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन
1 of 9
मोतीपुर ग्रंट नंबर 10 में हुआ था बवाल
- फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी के मैलानी थाना क्षेत्र के मोतीपुर ग्रंट नंबर 10 में मंगलवार शाम आंबेडकर प्रतिमा टूटने पर हुए बवाल के बाद गांव में तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। शांति व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। गांव में पुलिस-पीएसी तैनात कर दी गई है। बवाल में घायल महिला और पुलिस की ओर से बलवा, हत्या का प्रयास सहित संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दोनों मामलों में प्रधान सहित 82 लोगों को नामजद और 200 से अधिक अज्ञात लोगों को शामिल किया गया है।
मंगलवार शाम मोतीपुर ग्रंट नंबर 10 गांव में गाटा संख्या 1167 की 0.061 हेक्टेयर विवादित भूमि पर आंबेडकर की जयंती के मौके पर रखी गई प्रतिमा से कथित तोड़फोड़ के बाद हुए बवाल के दौरान पुलिस प्रशासन व निजी आठ वाहनों को उपद्रवियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। घायल मैकूपुर निवासी चंदा देवी ने दर्ज कराए मुकदमे में कहा है कि 14 अप्रैल की शाम मोतीपुर निवासी उनकी भतीजी सुनीता देवी ने सूचना दी थी कि ग्राम प्रधान विरेंद्र, काशीराम, जैपाल, वीरपाल, रामधनी, अवधेश वैयनामी जमीन में अवैध रूप से आंबेडकर प्रतिमा रखने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
2 of 9
घटना के बाद जुटी जुटी भीड़
- फोटो : संवाद
जब चंदा देवी मौके पर पहुंची तो आरोपी उसकी भतीजे को पीट रहे थे। आरोपियों के साथ अन्य कौशल, गुड़िया और करीब 200 से अधिक लोग इकट्ठा हो गए। चंदा देवी ने बताया कि आरोपियों ने पेट्रोल डालकर उन्हें जिंदा जलाने का प्रयास किया। घायल महिला की तहरीर पर आठ नामजद और करीब 200 अज्ञात के खिलाफ बलवा, हत्या का प्रयास, हिंसा के लिए उकसाने सहित संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सीओ रमेश कुमार तिवारी ने बताया कि मैलानी इंस्पेक्टर बृजेश कुमार मौर्य की ओर से 74 लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन
3 of 9
घटना के बाद गांव में पसरा सन्नाटा
- फोटो : संवाद
पुलिस ने शुरू की धरपकड़, घर छोड़कर भागे पुरुष
बवाव के बाद पुलिस की कई टीमों ने आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है। गांव में सन्नाटा पसरा है। वहीं आरोपी घर छोड़कर भाग निकले हैं। घर पर महिलाएं मिलीं, जिन्होंने बवाल का ठीकरा पुलिस पर फोड़ा है।
4 of 9
गाड़ियों में तोड़फोड़ करते उपद्रवी
- फोटो : संवाद
उपद्रवियों ने पांच घंटे तक जमकर मचाया बवाल
बवाल के उपद्रवियों ने करीब पांच घंटे तक जमकर बवाल मचाया। रास्ते में जो वाहन आया उसे तहस-नहस करते चले गए। जो मिला उसे पर हमलावर हो गए। नायब तहसीलदार, सीओ, मैलानी इंस्पेक्टर सहित सरकारी और निजी सहित आठ वाहन क्षतिग्रस्त हुए। बवाल में करीब 25 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान जताया जा रहा है। बवाल में महिला और प्रशासन-पुलिस के नौ लोग चोटिल हुए। आरोपियों ने दो वाहन जलाए और दो वाहन नहर में पलट दिए।
विज्ञापन
5 of 9
इसी जमीन से शुरू हुआ था विवाद
- फोटो : संवाद
प्रथम दृष्टया बेशकीमती भूखंड पर कब्जा करने की मंशा
विवादित भूखंड बांकेगंज के मुख्य मार्ग पर स्थित है। इसलिए यह भूखंड बेशकीमती है। प्रथम दृष्टया भूखंड पर कब्जा करने की मंशा उजागर हुई है। गांव वालों के अनुसार इस जमीन को हथियाने के पहले भी प्रयास होते रहे। विवाद हुए हैं। इस भूखंड पर अंबेडकर जयंती का पहली बार आयोजन करने की रूपरेखा सुनियोजित ढंग से तैयार की गई।
विज्ञापन
6 of 9
नापजोख करती तहसील की टीम
- फोटो : संवाद
सरकारी जमीन पर होते गए कब्जे, सोता रहा तहसील प्रशासन
मोतीपुर गांव कस्बा बांकेगंज का निकटवर्ती गांव है। गाटा संख्या 1167 पर मुख्य मार्ग के किनारे की 6535 वर्ग फीट खाद गड्ढों की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर कई पक्के निर्माण खड़े हैं। वर्तमान में इस जमीन का मुख्य मार्ग से सटा हुआ मुश्किल से 2000 वर्ग फीट भूखंड खाली पड़ा है। जिस पर सुनियोजित ढंग से कब्जा करने का प्रयास किया गया। हालांकि मौखिक रूप से लोग इसे आंबेडकर पार्क की जमीन बता रहे हैं। पूर्व में जब से जमीन पर कब्जे हुए तब प्रशासन में प्रभावी कार्रवाई नहीं की जिससे लोगों के हौसले बुलंद हुए और मंगलवार को मामले में बवाल का रूप ले लिया।
विज्ञापन
7 of 9
अवैध कब्जों का चिह्नीकरण शुरू
- फोटो : संवाद
बवाल के बाद प्रशासन ने शुरू किया कब्जेदारों का चिन्हांकन
बुधवार को राजस्व निरीक्षक प्रेम सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल पूजा कनौजिया भूमि की नापजोख कराकर कब्जेदारों का चिन्हांकन शुरू कर दिया है।
8 of 9
गांव में तैनात पुलिस फोर्स
- फोटो : संवाद
गांव बना छावनी, अधिकारियों ने डाला डेरा
बवाल के दिन से घटनास्थल पर तीन सीओ धौरहरा, मोहम्मदी और गोला, दो नायब तहसीलदार भानु प्रताप सिंह, ताहिर परवेज, तहसीलदार भीम चंद, एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी सहित कई थानों का पुलिस बल, पीएसी, राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी डेरा जमाए हुए हैं।
घटना के बाद मौके पर पहुंचीं डीएम और एसपी
- फोटो : संवाद
गोला की एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी ने बताया कि खाद गड्ढों की सरकारी भूमि है। शिकायत मिलने पर पैमाइश कर ली गई थी। लोगों को हिदायत भी दी गई थी की मूर्ति नहीं रखी जाएगी। उसके बावजूद भी बिना अनुमति के जबरदस्ती कब्जे का प्रयास किया गया। नियमानुसार कर्रवाई कर पूरी जमीन को खाली कराया जाएगा।