यूपी के कानपुर देहात में भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के मीरपुर निवासी अजय कुमार ने बताया कि उनका पुत्र अजीत कुमार(19) गुरुवार की दोपहर मां के खाते में 10,000 रुपये जमा करने पुखरायां की बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा जमा करने गया था। वह जब बैंक पहुंचा और रुपये जमा करने के लिए फार्म भरने लगा।
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सीएचसी में बेहोश अजीत
- फोटो : अमर उजाला
उसी समय तीन लोग आए और बोले कि बेटा रुपये जमा कर रहे हो। उसके हा कहने पर कहा कि हम कम पढ़े हैं हमारा भी फार्म दो। उसकी तरफ जमा करने वाला फार्म बढ़ा दिया। उसे लेकर शाखा के बाहर आ गए। जैसे ही वह झुककर लिखने लगा वैसे ही एक ने उसके नाक में रुमाल सुंघा दी। उसके हाथ 10,000 रुपये खींचकर कुछ कागज पकड़ा दिए। वह कुछ बोलने से पहले चक्कर खाने लगा। किसी तरह वह पैदल घर पहुंचा मां को पूरी बात बताते समय ही वह बेहोश हो गया।
उसको सूचना दी गई घर पहुंचक र अजीत को सीएचसी लेकर आया। यूपी 100 नंबर को सूचना कर दी। कस्बा चौकी इंचार्ज रोहित तिवारी ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली। टप्पेबाजी करने वालों की पड़ताल शुरू कर दी। होश आने पर कोतवाली में तहरीर देने को कहा। देर शाम तक बेहोश युवक का उपचार चल रहा है। डॉ. आरती सिंह ने बताया कि कुछ ऐसे नशीले पदार्थ हैं कि उनके सूंघते ही दिमागी हालत शून्य हो जाती है, जिससे वह शारीरिक क्षमता से निष्क्रिय हो जाता है। बेहोश हो जाने के बाद देर तक होश नहीं आता।