डायलिसिस पर चल रहे 62 वर्षीय हृदय रोगी कानपुर में कल्याणपुर के एसबी श्रीवास्तव को रीजेंसी अस्पताल में दुनिया का सबसे छोटा विटामिन के कैप्सूल के आकार का दो ग्राम का पेसमेकर प्रत्यारोपित किया गया है। इस प्रत्यारोपण प्रक्रिया में सिर्फ 30 मिनट लगे।
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प्रतीकात्मक फोटो
सामान्यता औसत 25 ग्राम का पेसमेसर प्रयोग किया जाता है। इसमें तार होता है जो हृदय के चैंबर में जाता है लेकिन इस पेसमेकर को सीधे हार्ट चैंबर में रख दिया गया है। सबसे छोटे पेसमेकर का सेंट्रल यूपी में यह पहला और प्रदेश में दूसरा प्रत्यारोपण है। प्रदेश में ऐसा पहला प्रत्यारोपण आगरा में हुआ था।
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रीजेंसी अस्पताल के इंटवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिनीत गुप्ता ने यह प्रत्यारोपण किया है। मंगलवार को अस्पताल में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि सामान्य तौर पर पेसमेकर का तार बाएं तरफ गले के नीचे की नस से हार्ट पहुंचाया जाता है।
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लेकिन रोगी की नस ब्लाक थी और दूसरी तरफ की नस डायलिसिस में इस्तेमाल होती है। रोगी की धड़कन कम हो रही थी। दिमाग को खून न मिलने की वजह से बेहोशी आ रही थी। छोटे पेसमेकर को पैर की नस के जरिये हार्ट तक पहुंचाया गया।
पेसमेकर से हृदय की रफ्तार संतुलित हो गई। बिना तार वाला यह पेसमेकर गंभीर रोगियों के लिए सुविधाजनक डिवाइस के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसमें जटिलताओं और संक्रमण का खतरा भी कम रहता है।