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World Aids Day 2018ः सूबे का वो जिला जिसने उड़ा दी थी अधिकारियों की नींद, पढ़ें ये रिपोर्ट

Sat, 01 Dec 2018 08:40 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
विश्व एड्स दिवस 1 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन शासन स्तर से कई तरह के कार्यक्रम आयोजित करके लोगों को एड्स के बारे में जागरूक भी किया जाता है। एड्स जैसी घातक बीमारी से बचाव का पहला रास्ता यही है कि सभी को जागरूक होना चाहिए, साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करना चाहिए। पिछले दिनों सूबे के एक जिले में एड्स के काफी संख्या में आए मामलों ने आलाधिकारियों की नींद उड़ा दी थी।

आगे की स्लाइड में पढ़िए वो मामले जिन्होंने जिले ही नहीं बल्कि प्रदेश में सनसनी फैली दी थी।
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परदेस से कमाई कर लाैट रहे पति 'एेसे बना रहे हैं पत्नियाें काे एचअाईवी का शिकार'

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यूपी के उन्नाव जिले में ये ऐसे मामले सामने आए थे जिन्होंने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी थी। 

केस नंबर 1- झाेलाछाप डाॅक्टर के इंजेक्शन लगाने से कई लाेग एचअाईवी के शिकार हाे गए थे जबकि नाकाे टीम अाैर उन्नाव के डीएम का बयान सुर्खियों में छाया हुअा था। 'टीम अाैर उन्नाव डीएम के अनुसार एक इंजेक्शन इतने लाेगाें काे एचअाईवी का शिकार नहीं बना सकता है। दिल्ली, मुबई सहित अन्य महानगरों से लौटने वाले ग्रामीण कमाई के साथ एचआईवी का वायरस भी लेकर लौट रहे हैं। 'बांगरमऊ कस्बे और आसपास के गांवों में एचआईवी के 76 मरीज मिलने पर वजह जानने आई राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण सोसायटी (नाको)  टीम ने भी इस बात को स्वीकार किया था। 


 
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10 रुपये में इलाज के बदले इतनाें काे मिली लाइलाज बीमारी, 1 दिन में करता था 100 लाेगाें का शिकार

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केस नंबर 2- यूपी के उन्नाव जिले में एक के बाद एक एचअाईवी के राेगी सामने अाने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया था। एक सिरिंज कई मरीजों को लगाने से एड्स फैलाने की जद में आए झोलाछाप राजेश को गिरफ्तार कर लिया गया था। बांगरमऊ के शिवबख्शखेड़ा निवासी राजेश कस्बे के स्टेशन रोड पर दस रुपये में इलाज करता था। दस रुपये के बदले वह मरीजों को तीन खुराक दवा के साथ एक इंजेक्शन भी लगाता था। बड़ी संख्या में बच्चों और बड़ों में एचआईवी की पुष्टि होने के बाद लोग झोलाछाप राजेश के बारे में खुलकर बोलने लगे थे। 

मरीज काेई भी हाे तीन खुराक दवा के साथ एक इंजेक्शन अाैर मिल जाएगी यह लाइलाज बीमारी

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एचआईवी एड्स
केस नंबर 3- एचआईवी मामले में एक झोलाछाप काे गिरफ्तार किया गया था। जहां खुलासा हुआ था कि मरीज काेई भी हाे अाैर बीमारी कैसी भी हाे सभी के लिए तीन खुराक दवा और एक इंजेक्शन जरूरी था। इसी इंजेक्शन ने पता नहीं कितनाें काे एड्स जैसी लाइलाज बीमारी का शिकार बना दिया था। 
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यूपी के इस शहर में फैली है 'एड्स की दहशत', जानिए कैसे 56 लोगों में फैला ये रोग

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एड्स - फोटो : NACO
केस नंबर 4- जिले के बांगरमऊ में एक साल के अंदर एचआईवी के 56 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप था। इस बीमारी से आशंकित लोगों को आईसीटीसी सेंटर पहुंचने की सलाह दी  गई थी। बांगरमऊ में लगातार सामने आते एचआईवी पीड़ितों की संख्या का कारण एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा एक ही सिरिंज से कई लोगों को इंजेक्शन लगाना बताया गया था। इसी क्षेत्र के एचआईवी पीड़ित ने एक झोलाछाप के एक ही सिरिंज का कई मरीजों पर प्रयोग करने की शिकायत भी की थी।

 
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दस रुपये में बन गए एड्स जैसी लाइलाज बीमारी के शिकार

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लोग एड्स को लेकर नहीं हैं जागरूक
केस नंबर 5 - जिले में सनसनी तब फैल गई थी जब तीन परिवार के छह सदस्य दस रूपये में एचआईवी की चपेट में अा गए थे। अाप साेच रहे हाेंगे कि दस रूपये में भला काेई इस जानलेवा बीमारी का शिकार कैसे हाे सकता है पर सच यही है। उन्नाव में दस रुपये में इलाज करने वाले झोलाछाप ने कई मासूम जिंदगियों को लाइलाज बीमारी का शिकार बना दिया था। एचआईवी से पीड़ित मिले लोगों की जब काउंसिलिंग की गई तो उनमें तीन ऐसे परिवार भी मिले थे जिनमें कहीं मां बेटे व कहीं पिता व बेटे को एचआईवी हो गया था। चकमीरापुर में दो परिवारों में पिता पुत्र व एक परिवार में मां बेटे को एचआईवी से पीड़ित पाया गया था।
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एचआईवी से बचने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए

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इन सभी मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी थी। एचआईवी से बचने के लिए आपको इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

-असुरक्षित यौन संबध न बनाएं
-हर बार नई सुई या सिरिंज का इस्तेमाल करें या फिर सुई का विसंक्रिमत होना सुनिश्चित करें
-प्रसव के समय एड्स पॉजिटिव मां और नवजात को नेब्रापिन दवा जरूर पिलाएं
 
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